HomeCommon Health Issue

कब्ज(CONSTIPATION )symptom-लक्षण-cause-treatment-उपचार-prevention

Like Tweet Pin it Share Share Email

 

  • कब्ज(CONSTIPATION )

कब्ज एक ऐसी बीमारी है जिसमें हमारी नित्य -क्रिया पूरी तरीके से असंतुलित हो जाती है या यूँ  कहें की अनियमित हो जाती है I यह हमारे पेट से उत्पन्न होने वाले प्रमुख बीमारियों में से एक हैI कब्ज छोटे लक्ष्ण Symptoms से उत्पन्न होती है और देखते ही देखते ना जाने कब  अन्य बड़े बीमारियों का उत्पन्न होने का कारण का सहायक बन जाती हैI यह हमारे दूषित भोजन और लापरवाह वाले अनियमित दिनचर्या के कारण उत्पन्न होता हैI करीब आज भारत में ना केवल बुजुर्ग  बल्कि युवा और बच्चे भी कब्ज के शिकार इन दिनों अधिक होते जा रहे हैंI अपने खानपान एवं जीवन शैली में असक्रियता और जागरूकता की कमी के वजह से तेजी से कब्ज ली समस्या बढ़ते जा रहा हैI   जिसके कारण सीने में दर्द और दिल की बीमारियां के साथ-साथ मानसिक बीमारियां का भी आगमन कब्ज के कारण ही होता हैI 

  • कब्ज- कब्ज में मरीजों की वह स्थिति बन जाता है जिसमें से व्यक्ति का मल उत्सर्जन आसानी से नहीं निकल पाता काफी कठिनाई मल त्याग में होती हैI  अर्थात कब्ज में मल त्याग अनियमित हो जाता है तथा सुख कर सख्त हो जाते हैं इस कारण मल त्याग में परेशानी होती है यह है स्वभाविक परिवर्तन की स्थिति है जब मल की आवृत्ति भर  जाती है तो मल निष्कासन के समय अधिक बल लगाना पड़ता हैI कब्ज अपने साथ-साथ अनेक बीमारियों को उत्पन्न करने की क्षमता रखता है यदि प्रारंभ में ही इस रोग को पहचान कर उपचार नहीं किया जाए तो व्यक्ति कि आंतें  धीरे-धीरे अपनी कार्यक्षमता खो बैठता हैI  यह स्थिति कई रोगों  के जन्म देने का कारण बन जाती हैI  गरिष्ठ भोजन तथा तेल से सम्मिलित यह पूर्ण वसा वाले भोजन से अधिक होता है जो गैस के साथ साथ कब्ज का कारण बनता है, जब भी उस प्रकार की भोजन हमारे शरीर में जाती है तो वह हमारे आंत  में जमा होने लगती है I इस प्रकार के विकार उत्पन्न होते हैंI कब्ज रोग के पेट के साथ -साथ उनके सीने शरीर के अन्य भाग जैसे सिर , चेहरा, पीठ और कमर भी बहुत प्रभावित होती हैI उनकी कमजोरी बन जाती है और उनकी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, वह अच्छे से पर्याप्त मात्रा में भोजन भी नहीं ले पाते हैं जिसके कारण कभी-कभी चक्कर भी आते हैं शुरुआत होते तो  ध्यान ना दिया जाए तो यह साधारण सी लगने वाली स्वास्थ्य के लिए विनाशकारी बीमारी है इसलिए जरूरी है कि हम उस के शुरुआती लक्षण को जानकारी पाकर जल्द से जल्द चिकित्सक से मिले और उनके बताए हुए सलाह को ईमानदारी-पूर्वक पालन करें I
  • कब्ज होने के प्रमुख कारण-

कब्ज हमारे जीवन शैली में कुछ गलत  आदतें के कारण उत्पन्न होता है जो बाल से लेकर त्वचा तक को प्रभावित करती हैजब भी हम रोज आहार लेते हैं तो हमारे पेट के अंदर जाते हैं और पेट में टूटकर हमारी आंत  में जाती है और आखिरी में मल्ल बन कर बाहर निकलता है जिनमें बैटरी आउट ऑप्शन होते हैं अगर यह नियमित रूप से ना निकले तो यह कब्ज पैदा कर सकता हैI  कब्ज से ग्रसित होने के के  अनेकों कारण है

  • शरीर में पानी की मात्रा पर्याप्त मात्रा में ना होने के कारण हमारे पेट में कब्ज हो सकते हैंI 
  •  अंकुरित   भोजन का सेवन न  करना अर्थात भोजन में फाइबर का अल्प मात्रा की उपस्थिति के कारणI 
  •  किसी भी तरीके का शारीरिक परिश्रम ना  करने की वजह से हमारा रक्त संचार नहीं चलता और शरीर के साथ- साथ ही हमारे पाचन तंत्र भी सक्रिय रूप से काम नहीं करता जो कब्ज का कारक बन जाता हैI 
  • अनियमित समय पर भोजन करने और उपवास रखने से  भी कब्ज उत्पन्न होता हैI 
  • तले हुए पदार्थ जिनमे तेल ,डालडा और चिकनी भोज्य  पदार्थ की मात्रा अधिक हो उनके सेवन करने से कब्ज होते हैंI 
  •  अगर व्यक्ति दिल की बीमारी ,मधुमेय  और भी अनेक प्रकार के बीमारियों से ग्रसित हो या कोई सर्जरी हुआ हो तो उस व्यक्ति के कुछ खास दवाओं का सेवन करने से भी गैस और कब्ज आसानी से उत्पन्न होते हैंI 
  •  चाय कॉफी अधिक मात्रा में पीना ,ध्रूमपान करना व शराब पीने से  कब्ज हो सकती हैI 
  • अधिक तनाव दु:ख  के साथ-साथ नकारात्मक सोच के कारण
  •  भोजन करते समय जल्दीबाजी करना अर्थात भोजन को चबा -चबाकर नहीं खाना बल्कि जल्दीबाजी भोजन करने से कब्ज और गैस उत्पन्न होता हैI 
  •  वैसे खाद्य पदार्थ जिसमें कैल्शियम और पोटेशियम की मात्रा अधिक  हो जिसकी वजह से कब्ज होने की आशंका बनी रहती हैI 
  • कब्ज  से ग्रसित  रोगियों का प्रमुख लक्षण-

कब्ज  से ग्रसित रोगी को अनेक प्रकार के बुरे अनुभवों से गुजरना पड़ता हैI 

  • कड़ा मल का  होना और मल उत्सर्जन  समय दर्द होनाI 
  •  बार बार पेट फूलना खट्टी डकार आना
  •  कमर में दर्द रहना
  •  भूख ना लगना और जी मचलना
  •  सर में चक्कर आना और दर्द होना
  •  सांसों में बदबू आना और बोलते समय घरघर्राहट सी आवाज आना
  • बार बार पाद आना 
  • अगर 24 घंटे या 3 दिन के अंदर आपको शौच नहीं लगती है तो यह  कब्ज की के संकेत हैI 
  • छाती में जलन, बवासीर भकादर ,फिशर के लक्षण भी कब्ज के कारण हो सकते हैंI   
  •  कब्ज के से पीड़ित व्यक्ति के आंतो  में जख्म और सूजन हो जाता हैI 
  • कब्ज के प्रकार –

कब्ज वाले रोगी के पेट में अनेक प्रकार के कृमि बनते रहते हैं I यह कृमि  रोगी के भोजन को पेट में ही चट कर जाते हैं जिसके चलते रोगी हमेशा कमजोर और दुबला पतला रहता है तथा त्वचा और चेहरे की सुंदरता कम होने लगती हैI  यह ऐसी बिमारी है जो किसी को भी शारीरिक और मानसिक तौर पर तोड़ कर रख देती हैI लोग लोगों से मिलना- जुलना बंद कर देते हैं या उन्हें यात्रा करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैI

 कब्ज को दो भागों में बांटा गया हैI 

(1 )पुरानी कब्ज –इस प्रकार के कब्ज मल्ल  का उत्सर्जन ठीक से नहीं हो पाता या यूं कहें कि काफी अल्प मात्रा में होता है और वह भी कठिनाई से साथ ही मल्ल काफी कड़ा होता है I इसके अलावा शौच करने के बाद भी रोगी को संतुष्टि नहीं होती की वह पूर्ण रूप से मल त्याग दिया हैI 

(2)गंभीर कब्ज – इस अवस्था में मल बिल्कुल भी नहीं निकलता हमेशा शौच की अनुभूति  होती है पर गैस तक नहीं निकलती I इस तरह की कब्ज काफी घातक होते हैं और मरीज को इसमें जल्द से जल्द इलाज कराने की जरूरत होती हैI 

  • कब्ज से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय-
  • हमेशा भरपूर पानी पिए और खासकर स्वच्छ और बिना डब्बे वाला पानी पीना हमारा सेहत के लिए हमेशा लाभदायक होता है क्योंकि वह रसायन मुक्त होता हैI 
  •  व्हाइट ब्रेड और मैदा युक्त जंक फूड और गरिष्ठ भोजन ना करेंI 
  •  नशीली चीजें जैसे -खैनी, बीड़ी, सिगरेट ,,शराब  आदि का सेवन ना करेंI 
  •  वैसे भोजन  जिसमें काफी मसाला  हो या स्पाइसी हो इस प्रकार के भोजन से हमेशा परहेज करेंI 
  •  गरम खाना खाएं और हल्का गर्म पानी पियें I 
  •  मांस  का सेवन ना करें
  •  कैफीनयुक्त पेय जैसे  चाय या कॉफी अधिक मात्रा में सेवन ना करें I 
  • संतुलित मात्रा में प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट और वसा युक्त भोजन  करें I 
  • पर्याप्त मात्रा में नींद ले
  • सुबह  योगासन और मेडिटेशन अवश्य करेंI  जिससे सकारात्मक विचारों का उत्पत्ति होती है और हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में हमेशा मदद करती हैI 
  • तुलसी ,आंवला ,एलोवेरा  और पुदीना का रस बनाकर हमेशा पियें I 
  •  हरी सब्जियां एवं फल के साथ-साथ विटामिन डी युक्त भोजन अधिक करेंI 
  • नोट-  यह जानकारी चिकित्सकों और किताबों के माध्यम से संग्रह के आधार पर दी गई है जो पूर्ण रूप से आपके  उपचार की पुष्टि नहीं करती बल्कि आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है I  जब भी उपरोक्त लिखी गई लक्षणों या विकार दिखाई देता हो तो यथाशीघ्र अपने नजदीकी चिकित्सकों  से संपर्क करें