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   कैंसर(cancer )

अभी हाल ही में  विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा लोगों की स्वास्थ्य की जांच की गई जिसमें करीब 50 % से अधिक  लोग कैंसर से ग्रसित है I

कैंसर केवल भारत के लिए नहीं बल्कि पूरे विश्व के सबसे घातक और तेजी से  फैलने वाली बीमारियों में से एक हैI परंतु कुछ लोगों को लगता है कि कैंसर एक जानलेवा बीमारी है जिसकी इलाज संभव नहीं है पर आज के आधुनिक युग में चिकित्सा विज्ञान इतने अधिक तेजी से बढ़ चुके हैं की अब कैंसर जैसी बीमारी भी   सामान्य हो गए हैं आइए हम तेजी से फैलने वाले इस बीमारी से सुरक्षा और उसके बारे में विस्तृत जानेंगे I

कैंसर-यह घातक रोग है जिसमें हमारे शरीर के सारे कोशिकाएं अनियमित व अनियंत्रित रूप से वृद्धि करते हैं जिसके क्षय होने से कैंसर रोग उत्पन्न होता हैI  शरीर के अंगों का निर्माण में कोशिका का भूमिका महत्वपूर्ण है कोशिकाओं के समूह से ही हमारे छोटे-छोटे अंगों का विकास होता है कोशिका का जीवन काल अधिक नहीं रहता कुछ पुराने कोशिकाओं को नष्ट होने  के बाद स्वत : नए कोशिकाएं का निर्माण होती हैI यह शरीर को सक्रियता बनाये रखने में अहम भूमिका निभाता हैI

  •  कैंसर होने के कारण-

कोशिका हमारे जीवन की मूलभूत रचनात्मक और कार्यात्मक इकाई हमारे शरीर के अंग कोशिका को मिलकर बना हुआ है अर्थात प्रत्येक जीव का शरीर अनेक कोशिकाओं से बना होता है जब कोशिकाएं मिलकर काम करती हैं तभी कोई जीव का निर्माण होता है I कोशिकाओं के अनियमित निर्माण से और अनियंत्रित वृद्धि के कारण कैंसर उत्पन्न होता हैI  उस समय कोशिका नियमानुसार समयांतराल पर नष्ट और शरीर के निर्माण में निष्क्रिय हो जाता है और कभी -कभी क्षय होने से ज्यादा अनियमित निर्माण होने लगता है या दूसरे शब्दों में कहें तो कैंसर अपने आप में ही एक व्यापक शब्द है कैंसर के होना या ना होना हमारे कोशिकाओं के नियंत्रित जीवन चक्र पर निर्भर करता है I यह कोशिकाओं के अनियंत्रित विधि और उनके क्षय  होकर विभाजित होने से होता है I

  • इस रोग को पकड़ने व शुरुआती लक्षणों को जानने के लिए की जाने वाली जांच –

कैंसर के शुरुआती लक्षण का पता लगाने के लिए हमेशा जांच करवाने की जरूरत है I शरीर में आए अचानक से परिवर्तन जिसमें अंदरुनी या बाहरी पीड़ा के साथ -साथ अबूझ  रोग हो उन रोगों के बारे में हम पहले से परिचित नहीं होते हैं इस प्रकार के बिमारियों में कैंसर उत्पन्न होने की प्रबल संभावना बनी रहती हैI

कैंसर की बीमारी अचानक से हमें अपनी चपेट में नहीं लेती है कुछ दिन पहले से ही शरीर के अंदर होने के संकेत देने लगता है जिनको ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैंI

वायरल बुखार –मौसम में परिवर्तन होने से वायरल बुखार होना आम बात है लेकिन बुखार लंबे समय तक रहता है तो किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह  लेनी चाहिए क्योंकि लगातार अधिक समय तक बुखार का रहना कैंसर का संकेत होता हैI

थकान का होना –अधिक मात्रा में काम करने पर थकान होना आम बात है लेकिन शरीर को आराम मिलने के बाद भी थकान महसूस होती है तो यह कैंसर का लक्षण होता है ऐसे में आपको पूरी तरह से जांच करानी चाहिए क्योंकि ऐसे में कैंसर शरीर में विकसित हो जाता है I

शरीर में गाँठ और जख्म -त्वचा संबंधी किसी भी प्रकार के समस्याएं जो इलाज के बाद भी लम्बे समय तक प्रभावी रहे चाहे विकृत  होकर घाव बनाना हो या गाँठ उत्पन्न होना या किसी प्रकार के चर्म रोग हमारे चेहरे पर दिखाई देते हैं लेकिन त्वचा पर लाल रंग के धब्बे और बालों में वृद्धि नहीं होती है यह त्वचा कैंसर के लक्षण होते हैंI

पेशाब में खून आना -अगर पेशाब या मलत्याग करते समय  खून का स्राव होता है ,प्राय : बवासीर में भी मलत्याग में खून आता है   परंतु बवासीर की पहचान हो जाती है पर उल्टी आंखों में आंसू के साथ खून भी आना,नाक से खून आना भी ब्लड कैंसर का लक्षण होता हैI यह गंभीर चिंता का मामला होता है I  इसके अलावा वजन का नियमित बढ़ते जाना, खून दस्त, उल्टी और मुंह के अंदरूनी हिस्सों में गिल्टी होना भी कैंसर के लक्षण का संकेत हैI इन बीमारियों में तेजी से कोशिकाओं का विकास होती है जिसमें कोशिकाएं तेजी से क्षय होकर विभाजित कर देती है जो हमेशा जानलेवा बन सकता है तो कुछ मामले में धीमी दर से कोशिकाओं को विकसित और विभाजित करती है जिसमें शुरुआती दौर में पता लगाने से और नियमित डॉक्टर की सलाह को पालन करने से इलाज कर इस घातक बीमारी को पूर्ण रूप से समाप्त किया जा सकता है  यदि शुरूआती चरणों में कोशिकाएं का एक छोटा सा समूह क्षय होकर अनियंत्रित हो जाती है और धीरे-धीरे पूरे शरीर में के प्रत्येक अंगों में फैल कर अन्य कोशिकाओं का समूह बना लेती है जो तेजी से अनियमित और अनियंत्रित होती जाती है जिससे दिन प्रतिदिन इस रोग से ग्रसित रोगी के लिए रोजमर्रा जिंदगी काफी कठिन होता है अधिकांश शरीर कोशिका में विशिष्ट का अर्थ और निश्चित जीवन काल होते हैं जबकि कैंसर होने पर कोशिकाओं के जिसका जीवन काल भी अनिश्चित हो जाती हैI इसकी जांच के लिए ब्लड जांच की नई विधि जिसे लिक्विड-  बायोप्सी भी कहा जाता है जिसमें ब्लड टेस्ट करके शुरूआती लक्षणों का पता आसानी से लगाया जाता है उसके अलावा C.T. SCAN  किया जाता है जो कैंसर की स्थितियां और उस रोग से ग्रसित व्यक्ति को आसानी से पता लग जाता हैI

  • रोग के प्रकार और उनकी अवस्थाएं-

कैंसर विभिन्न प्रकार के होते हैं   कैंसर में चार अवस्थाएं बनी रहती है जिसमें चौथी अवस्था बिल्कुल वेंटिलेटर के मरीज की तरह है जहां से किसी भी रोगी को पूर्ण रूप से स्वस्थ होना  असंभव हैI

  • ब्लड कैंसर( BLOOD CANCER )  -इस प्रकार के कैंसर में हमारे शरीर के अनियंत्रित कोशिका  सीधे खून में जाकर फैल जाती हैं और जब यह एक बार फैल जाती हैं तो तेजी  रूप से पूरे शरीर के अंगों पर अपना कब्जा कर लेती है और यह लगातार बढ़ती जाती हैI
  • स्किन कैंसर(SKIN CANCER )- यह ज्यादातर (ULTRAVOILET RAYS) पराबैंगनी किरणों के त्वचा पर पड़ने से होता है उसके साथ- साथ त्वचा (skin )पर दाद, खुजली शरीर में मस्से निकलना जो लंबे समय तक ठीक ना हो व कैंसर के शुरुआती लक्षण  का पहचान है
  • ब्रेस्ट कैंसर (BREAST CANCER )-इस तरीके के कैंसर में स्तनों में दर्द और गांठ बढ़ जाती है जिससे पूरा स्तन निष्क्रिय हो जाती है स्तन के कोशिकाओं उसे नष्ट कर देती है I
    • माउथ कैंसर (MOUTH CANCER )-इस प्रकार के कैंसर अधिकांश ध्रूम-पान और शराब के सेवन से लोगों में उत्पन्न होता है इसके साथ -साथ शुद्ध खाद्य पदार्थों वाले भोजन से वंचित रहने के कारण भी इस प्रकार के कैंसर उत्पन्न हो सकता है I जिसमें रसायन युक्त भोजन करना चाहे वह फल , हरी सब्जी क्यों ना हो पर उसकी उपजाने की विधि पूरी तरीके से आधुनिक रसायन शास्त्र पर  निर्भर रहती हैI   इस प्रकार से अनियमित भोजन ,ध्रूमपान करने से  माउथ कैंसर होने की प्रबल संभावना लोगों में बनी रहती हैI
  • गले का कैंसर या फेफड़े का कैंसर(LUNGS CANCER )- यह खदानों व कारखानों में कार्य कर रहे मजदूरों तब के लोगों को अधिकतर होता है क्योंकि हवा में प्रदूषित होने के कारण हम शुद्ध वायु ,सांस नहीं ले पाते हैंI इस रोग में हांफ के साथ- साथ सांस लेने में भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता हैI
  • पेट का कैंसर-  यह अनियमित  और प्रदूषित भोजन ग्रहण करने से उत्पन्न होता है हमें अधिक तेल वाले पदार्थ के साथ- साथ माइक्रोओवन में गर्म  किए गए किसी प्रकार के डिशेज और फ्रीज में रखे पेय पदार्थ या भोजन को ग्रहण करने से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि उससे निकलने वाला गैस और रसायन  पूरे भोजन में मिल जाती है जिसके बाद पूरा भोजन प्रदूषित हो जाता है जो कैंसर के कोशिका को उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैI
  • बोन कैंसर (BONE CANCER )-इसमें हड्डियां क्षतिग्रस्त  हो जाती है और मांसपेशियां और नसों में जकड़न महसूस होता है बोन कैंसर कैल्शियम की कमी कारण उत्पन्न होता हैI I
  • ब्रेन कैंसर (BRAIN CANCER )-इसमें विभिन्न प्रकार के कैंसर उत्पन्न होता है जिसमें यह किसी भी उम्र के मनुष्य को ब्रेन कैंसर हो सकता है जिसमें छोटा सा ट्यूमर उत्पन्न होता है जो धीरे धीरे कोशिका पूरे शरीर और खून में मिल जाते हैंI मानसिक तनाव और कोशिकाओं में  रेडिएशन प्रभाव के वजह से अधिक होता है I
  • METASTATIC CANCER  –  यह कैंसर का चौथी अवस्था है विभिन्न प्रकार के कैंसर से ही उत्पन्न हो कर शरीर के सभी अंगो में उत्पन्न होता है I  शरीर के सभी अंगो में ऊतकों और  शिराओं में फैलने का कार्य करता है इस प्रकार के कैंसर  में ट्यूमर के फटने के बाद ख़ून के जरिए यह सभी जगह काफी तेजी से फैलता है और पूरे शरीर में असहनीय दर्द महसूस होती है I
  • कैंसर से कैसे बचे-(घरेलु  उपाय )

अगर हम अपने जीवन में कैंसर जैसे घातक बीमारी से हमेशा के लिए सुरक्षित रहना चाहते हैं या यूं कहें कि इस प्रकार की बीमारी जो संक्रामक  की तरह तेजी से फैलता हैI भविष्य में कैंसर से बचने के  लिए अपने दिनचर्या में सक्रियता और जागरूकता बरतने के साथ -साथ   नीचे दिए गए बातों को अपने दैनिक जीवन में अपनाना होगा I

  • हमें अपने आसपास  वृक्षों के बीच जहां स्वच्छ पर्यावरण का माहौल हो वहां अधिक समय गुजारना चाहिए या यूं कहें यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसे स्वच्छ पर्यावरण विकसित करें अपनाएं जहां स्वच्छ वायु ,प्रकृति की शुद्धता का माहौल बने I
  • हमें यथासंभव वाहनों का उपयोग घरेलू कार्य के लिए नहीं करनी चाहिए वैसे कार्य जो आप पैदल यह साइकिल के माध्यम से करने में समर्थ हो जिससे यातायात के ईंधन और उससे निकलने वाली प्रदूषित धुंए से  प्रदूषित वातावरण और वस्तुओं में रसायन की मिलावट से बच सकते हैं I
  • रसायनों से उत्पन्न या उगने वाली सब्जियां अनाजों का  कम सेवन करना चाहिएI हमें हमेशा ऑर्गेनिक फूड (जैविक खाद्यपदार्थ ) वाली सामग्री को घरेलू खानपान में अधिक महत्व  देना चाहिए I
  • हमें  रोजाना योग में  प्राणायाम प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 मिनट  करनी चाहिए I शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योगा ,मेडिटेशन और कसरत करें दिलचस्प बात यह है की योग में कैंसर रोगियों के लिए कैंसर से निजात पाने के लिए विशेष प्रकार के योगासन भी   शामिल हैI
  • लंबे समय तक लंबे समय तक शराब का सेवन के साथ -साथ सिगरेट,गुटखा ,तम्बाकू का ध्रूमपान  नहीं करनी चाहिए I इसके अलावा अधिक मोटापा को कम करनी चाहिए I हमें भोजन फाइबरयुक्त और पॉलीथिन से  निर्मित बर्तनों में गर्म भोजन कभी नहीं करनी चाहिएI

 

  • कैंसर के बारे में यह जानकारी केवल आपको सचेत और  जागरूकता के लिए है जिसमें आपको इस रोग से परिचित होने के साथ-साथ सावधानियां बरतने  की संदेश देता हैI  परंतु उपरोक्त लिखी गई किसी प्रकार के लक्षण अगर शरीर में दिखाई पड़े तो तुरंत चिकित्सा का प्रमाण अवश्य लेI