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चमकी बुखार Chamki Fever Symptom ( Acute Encephalitis Syndrome ) AEC बीमारी रोग के लक्षण इलाज और बचाव

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  • चमकी (Acute Encephalitis syndrome) क्या है ?
गंभीर बीमारियों के संदर्भ में सही डायग्नोसिस की भूमिका और भी  महत्वपूर्ण पहो जाती है, क्योंकि इससे निरंतर और सटीक इलाज शुरू हो जाता हैI जिसके बाद रोगी को राहत मिलती है I  परंतु कुछ बीमारी ऐसे हैं जो रहस्मयी हैं अर्थात उनका सफल इलाज की प्रक्रिया अभी भी किसी को मालूम नहीं होती है जिसकी वजह से परस्पर न इलाज होने के कारण रोगी की मौत हो जाती है I  उन्हें बीमारियों में से एक है चमकी जिसे(AES) भी कहा जाता है I यह बीमारी आज-कल बिहार में तेजी से फैल रही हैI यह बच्चों में होने वाला एक बीमारी है जो नवजात से लेकर किशोरावस्था के बच्चों को अपने काल के गाल में समा रही है I  इसके बेहद प्रभावशाली इलाज मौजूद नहीं होने के कारण करीब 150 से अधिक बच्चे की मौत हो गयी है ,इसलिए यह बहुत जरुरी है की इस खतरनाक बिमारी के बारे में न सिर्फ जाने बल्कि लोगों को जागरूक कर सावधान करें ताकि लोग स्वास्थ्य के प्रति भर्मित न हों I आज के दौर ऐसा है की समाज और मानव की जीवन शैली में तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं लोगों की जिंदगी इतनी व्यस्तता से गुजरति है की लोग खुद और बच्चों के निरंतर समय पर स्वास्थ्य की जांच नहीं कराते और ना ही उन्हें नियमित रूप से सही और गलत आहार के बारे में बता कर उन्हें बजारु और अशुद्ध खाद्य पदार्थों से दूर रखतें हैं I ऐसे ही अनियमितता की वजह से चमकी की  रोगियों में तेजी से इजाफा हो रही है I यह एक बेहद ही खतरनाक बिमारी है इस बीमारी को जितना जल्दी पकड़ा जाता है इसका इलाज भी उतना ही सफल और कारगर साबित हो पाता है I
  • चमकी (ACUTE ENCEPHALITICS SYNDROME) – यह बहुत ही खतरनाक और संदिग्ध  बिमारी है,यह एक दिमागी बुखार है जिसे AES और घरेलू बोलचाल की भाषा में चमकी कहते हैं I यह शरीर के मुख्य (Nerves -System )नाड़ी -तंत्र को प्रभावित करता हैI चमकी  एक वायरल बिमारी है इस बीमारी के दुष्प्रभाव और कारणों पर चिक्तिसकों का अलग -अलग मत है ,कुछ डॉक्टर का कहना है की अधिक  नमी(Humidity) और गर्म वातावरण के कारण बच्चों में पानी और ग्लूकोस की कमी हो जाता है और हाइपोग्लाइसीमिया के शिकार हो जाते हैं ,उसके साथ ही साथ उनमें (बच्चों) में इम्युनिटी कम होने के कारण कैल्शियम और सोडियम की कमी  देखने को मिलती है I तो वहीं कुछ डॉक्टर इस बिमारी की मुख्य वजह लीची फल को बता रहे हैं ,कहा जा रहा है की लीची में कुछ ऐसे टॉक्सिन(toxin) पाए जाते हैं जिससे शरीर में शुगर (sugar )का स्तर कम हो जाता है ,खास कर यह खाली पेट लीची खाने से अधिक फैलता है, तो कुछ लोग इसे हीट स्ट्रोक (लू )की संतिलिप्तता बता रहें हैं I  कुछ लोग मच्छरों के काटने का प्रभाव भी बता रहे हैं  I अभी तक डॉक्टर ,एक्सपर्ट भी सही -सही इसके ठोस और वास्तविक कारण का पता नहीं लगा पाएं हैं लगतार रिसर्च हो रही है I पर एक बात चमकी से पीड़ित बच्चों के लक्षणों से स्पष्टत: जाहिर हो जाता है की लगतार बढ़ रहे तापमान और गर्मी इसकी मुख्य वजह है I क्यूंकि यह बीमारी गर्मियों के मौसम में ही फैलती है ,जिसका असर अधिकांशत: अप्रैल महीने से लेकर अगस्त महीने  तक देखने को मिलती है I इस बिमारी में अंगों में परिवर्तन देखने को मिलती है I
  • चमकी बीमारी के प्रमुख लक्षण

यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें रोगी पूरी तरीके से होश भी खो बैठता है शरीर में बाहरी  बल लगाने या चिकोटी काटने पर भी कोई सक्रियता लक्षण देखने को नहीं मिलती हैI तत्काल इलाज मुहैया न कराई जाय तो पीड़ित की मौत हो जाती है I

  • शुरुआती  दो-तीन दिन बुखार होती है
  • दस्त और उल्टी के साथ साथ ,शरीर में ऐंठन होता हैI
  • सिर में तेज दर्द होना
  • हाथ-पैर  में कंपन होना
  • पुरे शरीर में या किसी अंग में लकवा मार देना I
  • दांत पर दांत दबाये रखना
  • बच्चों के शारीरिक असंतुलन भी  बिगड़ जाता है I
  • चमकी रोग से ग्रसित होने का प्रमुख कारण –

अगर सीधे अनुमान के मुताबिक़ बोला जाए तो गर्मी से इसका सीधा संपर्क रहता है,गर्मी में बरते जाने वाली लापरवाही और मौसम के अनुकूल खान -पान न हो तो फ़ूड पॉइजनिंग ,हीट स्ट्रोक और अन्य रोगों का सम्मिश्रण भी हो जाता है I

  • बेहतर और प्रोटीनयुक्त आहार न मिलना
  • ब्लड में ग्लूकोस की कमी होना
  • अधिक समय धूप और गर्मी में बिताना
  • रात को प्रचुर मात्रा में भोजन न करने से भी यह ज्यादा असर करता है I
  • चमकी से बचने का घरेलु उपाय-

इस जानलेवा रोग से बचा सकता है अगर हम अपने बच्चे के स्वास्थ्य का स्वयं नियमित परिक्षण और जाँच करें तो काफी हद तक ऐसी रोगो से बचा जा सकता है I

  • जूठे और बासी या सड़े फलों और खाद्य पदाथों को न खाने दें I
  • बच्चों को गन्दगी ,नाली और पानी की जमाव जहाँ हो उस स्थान से हमेशा दूर रखें I
  • धूप में न घूमने दें, पुरे शरीर और सिर और चेहरा खुले वातावरण में ढँक कर रखें I
  • स्वच्छता पर हमेशा ध्यान दें भोजन करने से पहल्रे और बाद में अच्छे तरीके से हाथ जरूर धोएं I
  • हमेशा साफ -सुथरे और सूती वस्त्र ही गर्मी की दिनों में पहनाएं I
  • तरल पदार्थ और मीठे खाद्य पदार्थों को रात में भोजन के बाद उनके आहार में प्रतिदिन शामिल करेंI
  • पानी स्वच्छ और नॉर्मल गुनगुना पानी पिलायें I
  • डॉक्टर के दिए गए नसीहतों और सुझाव को ईमानदारी-पूर्वक पालन करें I
  • नोट -उपरोक्त लिखी गयी बातें   विभिन्न चिकित्सकों के बात -साक्षात्कार के आधार पर आलेख लिखा गया हैIआप से अनुरोध है की इसके आधार पर स्वयं चिक्तिसा प्रारंभ न करें I हम इस रोग (चमकी)की पुख्ता वजह और उसका इलाज न होने के कारण किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य दायित्वों का पुष्टि नहीं करते हैं I हमारा उद्देश्य आपको सावस्थ्य प्रति जागरूकता फैलाना हैI