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चिकनपॉक्स Chicken Pox – Symptom-लक्षण-cause-treatment-उपचार

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  •  चिकनपॉक्स (CHICKEN-POX)

चिकनपॉक्स एक संक्रमण से  फैलने वाली बिमारी है, यह हमारे त्वचा को  प्रभावित करती है इस बीमारी के दौरान लाल-लाल चकते और दाने भी त्वचा पर आने लगते हैं I  छोटे बच्चे से लेकर बड़ों तक इसके वायरल के संपर्क में आ सकते हैं I खास कर छोटे बच्चों में इसका असर तेजी से देखने को मिलता है इसलिये उनके पालन-पोषण के गलत तरीके उन पर काफी भारी पड़ सकते हैं  इसलिए हमे उन्हें शारीरक ,मानसिक एवं शैक्षणिक विकास इस तरीके से करनी चाहिए जिसमें सही पोषण ,समय पर टीकाकरण ,बिमारियों का सही इलाज प्रमुख होI इसमें बुखार और पानी वाले छोटे- छोटे दाने साथ -साथ बुखार और उल्टियां भी आती हैं I चूँकि यह एक संक्रमणीय बीमारी है,जिससे किसी भी ऋतू और मौसम में चिकनपॉक्स हो सकते हैं परन्तु यह मॉनसून के समय अधिकांशत: होते हैंIइस बिमारी के दौरान सूखा खांसी और बदन में दर्द की भी समस्या भी होती हैIपुरे शरीर में दर्द और जलन होता हैI चिकनपॉक्स वेरिसेल्ला  जोस्टर नामक वायरस से फैलता हैI यह छूने से भी अधिक फैलता ही अर्थात महामारी की तरह खास कर भारत में जब आधुनिक चिकित्सा की नींव नहीं पड़ी थी तब यह महामारी हमेशा हजारों लोगों को जान ले लेता थाIइसे गाँव की बोल-चाल में छोटी माता भी कहा जाता हैI अगर इसके शुरुआती लक्षणों को जानकर उपचार न कराया जाये तो इस बिमारी का असर सीधा हमारे यकृत पर होता हैIयह अधिकांशत: एक बार हो जाने पर दुबारा कोई व्यक्ति चिकनपॉक्स के चपेट में नहीं आ सकता हैI इसमें जलयुक्त दाने शुरुआत में पेट और पीठ में दिखाई देते यही और उसके बाद पुरे शरीर में फ़ैल जाता हैI त्वचा के अधिक सवेंदनशील होने पर चिकनपॉक्स की आशंका अधिक बन जाती हैI यह कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को आसानी से अपने चपेट में ले लेता हैI चिकन पॉक्स के विषाणु में जब दवाओं की प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो जाती है तो उन पर प्रथम श्रेणी की उपचार प्रभावहीन हो जाता हैI जिससे चिकनपॉक्स गंभीर बिमारी का भयानक रूप ले लेता हैIइसलिए चिकनपॉक्स के लक्षणों को शुरुआती  समय पर पहचान करके सही समय पर इलाज करवाना बेहद ही जरुरी हैIइसका असर सात से दस दिनों तक काफी तीव्र रहता हैI चिकनपॉक्स से बचने के लिए हमेशा अपने घर की वस्तुओं ,स्वच्छ जल ,भोज्य पदार्थों से लेकर चारो तरफ के वातवरण स्वच्छ और शुद्ध रखेंI 

  • चिकनपॉक्स होने का मुख्य कारण क्या है?

यह बीमारी मुख्यत: दूषित पानी  और भोजन के सेवन करने से फैलता हैI परन्तु यह एक संक्रामक बीमारी है इसके फैलने के और भी कारण होते हैं

  • मौसम में आये अचानक बदलाव अर्थात अधिक ठण्ड या अधिक गर्मी में रहने से भी हवा में वेरीसल्ला जोस्टर नामक वायरस सक्रीय हो जाते हैं जिसके फलस्वरूप चिकनपॉक्स होने की आशंका बनी रहती हैI 
  • अत्याधिक देर तक स्नान करने से  या बाल ,त्वचा पर अधिक रासयनिक वाले साबुन और शैम्पू  लगाने से भी चिकनपॉक्स का वायरस फ़ैल सकता हैI 
  • शराब और ध्रूमपान करने से इसके अलावा जंक फ़ूड ,स्पाइसी फ़ूड ,तेलयुक्त ,कोल्ड ड्रिंक,चाइनीज फ़ूड और  बासी भोजन के सेवन करने से भी फैलता हैI 
  • यह वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फ़ैलता है ,रोगी के छींके हवा में फैलकर हवा को दूषित कर देता हैI 
  • चिकनपॉक्स का प्रमुख लक्षण
  •  तेज  बुखार के साथ -साथ पुरे शरीर  में विभिन्न आकार के लाल -लाल दाने एवं चकते निकलने लगते हैंI  
  • सिर दर्द और उल्टी होनाI 
  • सम्पूर्ण शरीर में दर्द और लाल -लाल दाने में मवाद और खुजली होनाI 
  • भूख कम लगना और आँखों  जलन होनाI 
  • दाने और चिकते मुख्यत: शुरुआत  पेट,पीठ से शुरू होकर पुरे शरीर में फ़ैल जाती है I 
  • गले में खराश  कभी -कभी गला में दर्द भी रहती हैI 
  • सीने में जकड़न होना I 
  • कमजोरी महसूस करनाI 
  • चिकन पॉक्स भले ही चमड़े की बीमारी हो पर वायरस से फैलने के कारण होता है और जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर तो वायरस शरीर के हर अंगों में पहुंचता है और प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर यह चमड़ी से मांस और हड्डी तक पहुंच जाता है गंभीर इन्फेक्शन और जख्म होने लगता हैI साथ ही साथ यह मस्तिष्क में पहुंच जाता है कभी -कभी और मस्तिष्क ज्वर का रूप ले लेता है ,जो काफी घातक होता है I 
  • उनके मुँह हमेशा सूखा महसूस करता है और डिहाईड्रेशन के लक्षण भी दिखाई देता हैI 
  • चिकनपॉक्स के इलाज एवं प्रक्रियाएं-

चिकनपॉक्स  से निजात पाने के लिए  आधुनिक समय में टीका और दवाईयां उपलब्ध हैI जिनकी आयु 12 महीने से अधिक हो वो सभी बच्चे ,व्यक्ति युवा अर्थात किसी भी उम्र के चेचक के पीड़ित  को उपचार के दौरान टीके लगाएं जाते हैंI एक बार चिकनपॉक्स का होने पर इसका असर 10 दिनों तक काफी तीव्र रहता हैI चिकनपॉक्स के दौरान साबुन के स्थान पर नीम के पते से  नहलवाया जाता हैI इसके बाद हल्दी या नीम का लेप भी लगाया जाता हैI डॉक्टर हमेशा आधुनिक उपकरणों जैसे मोबाइल,गैजेट्स,टेलीविज़न अदि का इस्तेमाल नहीं करने देते है ताकि स्क्रीन पर देखने से सिर में दर्द तेज ना हो I चिकनपॉक्स के मरीजों को खान- पान के विशेष ध्यान रखना पड़ता है उन्हें बाहरी और चटपटी  भोजन ना करने की सलाह दी जाती हैI इसके अलावा डेयरी प्रोडक्ट्स और मांसाहारी व्यंजनों का सेवन करना वर्जित हैI इसमें डॉक्टर दवा देने के साथ -साथ रोगी को अपने लाइफ स्टाइल को सुधारने का सलाह देते हैं जिसमें अपने दिनचर्या के क्रियाकलापों को करना ,सुबह समय से जागना ,समय से सोना ,प्रतिदिन व्यायाम और योग करना ,हमेशा साफ़ सफाई रखना आदि पर अधिक ध्यान देने को बताते हैंI चिकन पॉक्स की इलाज करने से पहले उनका अनेक प्रकार  जांचे भी होती है जिससे रोगी के शरीर में हुए परिवर्तनों के केस हिस्ट्री जानकारी मिलती हैIचुकी यह वायरल बीमारी है तो इसमें हमेशा दूसरे में फैलने न दें इसलिए चिकित्सक हमेशा आराम की सलाह देते हैं और इस बात पर विशेष ध्यान देते हैं की रोगी को पानी की मात्रा कमी न हो क्योंकि चेचक में बुखार के साथ डिहाइड्रेशन बहुत होता है I 

  • चिकनपॉक्स में होनेवाली घरेलु उपचार –

चुकीं यह वायरल बिमारी है इसमें पूर्वजों के द्वारा अध्यात्म के आधार पर कई क्रियाकलाप किया जाता है जो चिकित्सीय रूप से भी कारगर होते हैंIजैसे की इन मरीजों  को गर्मी अधिक लगता है तो उन्हें ठंडा भोजन और पेय पदार्थ भी दिया जाता हैI चूँकि आम बोल चाल में इसे छोटी माता कहा जाता है तो इसमें पूजा -पाठ के साथ-साथ नीम के पत्तियों (LEAVES)से स्नान भी कराया जाता है जो इन्फेक्शन से भी बचाता है इस तरह से  रोगी के लिए घरेलु उपचार काफी मददगार साबित होता है

  •  चिकन पॉक्स के बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान  –   
  • चिकन पॉक्स से बचाव के लिए हमें अपने खान -पान के खाद्य पदार्थों को हमेशा स्वच्छ एवं शुद्ध रखना होगाI 
  • भीड़ वाली जगह पर अधिक उपस्थित न रहें I 
  • इस रोग से संक्रमित व्यक्ति से हमेशा दूर रहें I 
  • गुनगुने पानी से नहाएं 
  • अपने बच्चें को अधिक वर्षा वाले पानी में न भीगने दें ,हमेशा ठण्ड से बचाव करें I 
  • खुजली ,लाल -लाल दाने या चमड़े पर किसी भी प्रकार के विकृति होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें I 
  • चिकनपॉक्स का टिका जरूर  लगवाएंI 
  • प्रेग्नेंट औरतों को हमेशा प्रेग्नेंसी से पहले चिकनपॉक्स की जांच अवश्य  करवाएंI 
  • मरीज के आस -पास गन्दगी बिलकुल न हो I 
  • रोगी को प्रतिदिन स्नान करवाना चाहिए I 
  • नोट-उपरोक्त दी गयी जानकारियां पाठकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दी गयी हैIयह लेख आपको इलाज की पुष्टि नहीं करती इसलिए चिकन पॉक्स के  बताये गए लक्षण देखने को मिले तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलें और उनकी बताई गयी परामर्शों को ईमानदारीपूर्वक पालन करेंI