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पायरिया PYRIA/PERIODONTITIS Tooth Problem के Symptom-लक्षण-cause-treatment-उपचार

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  • पायरिया (PYRIA/PERIODONTITIS)

मनुष्य के जीवन  में दांत हमारे सौंदर्य का अहम् हिस्सा होता हैIया यूँ कहें की हमारे स्वास्थ्य की कुंजी है दांत,सेहत और सुंदरता का दर्पण हैI जब भी हम अपनी ओर  किसी को आकर्षित करना या सकारात्मक प्रभाव छोड़ना चाहते हैं तो हमारा मुस्कान इसमें सहायक होता है जिससे हमारे दांतो का निखार पता चलता हैI परन्तु दांतो में किसी तरह का समस्या हो तो उनकी मुस्कान को काम कर देती है उनके व्यक्तित्व पर नकरात्मक प्रभाव पड़ता है अक्सर अधिकांश लोग अपने चेहरे पर निखार के लिए फेयरनेस क्रीम पर अधिक पैसे खर्च करते हैं परंतु अपने दांत को किस तरह से सफाई किया जाए किस तरीके का भोजन (खाद्य पदार्थ – पेय पदार्थ) हमारे दांतों को नुकसान पहुंचाती है इस पर काफी काम लोग ध्यान देते हैंI  इसका आशय यह नहीं है की जो लोग बाजार के मसालेदार और चटपटी भोजन करते हैं या किसी तरह के पेय पदार्थ और ध्रूमपान करते हैं केवल उनके ही दांतों में समस्या हो सकती है,बल्कि दांत और मसूड़े इतने सवेंदशील होते हैं की किसी तरह की भोजन -पानी या ख़राब वातावरण हमारे दांतो को संक्रमित कर देता हैI दांत की समस्याएं विविध प्रकार की होती है ये रोगी को बुरे तरीके से प्रभावित भी करता है दांत के रोग से ग्रसित व्यक्ति हमेशा सोच में पड़ जाता है कि हमें क्या खाना है क्या पीना है क्योंकि उनकी दांत और मसूड़े  (oral health) में तुरंत ही परेशानियां आने लगती हैI दांतो का रोग इतना आम है कि बच्चे से लेकर युवा बुजुर्ग सभी लोग इससे ग्रसित हो जाते हैंIअक्सर लोग जागरूक तो हुए हैं अपने स्वास्थ्य को लेकर परंतु फिर भी अपने संपूर्ण स्वास्थ्य में दांतो को जोड़ना भूल जाते हैं जबकि कभी -कभी किसी रोग का शुरुआती लक्षण दाँते और मसूड़े देती हैंI बताते हैं कि दांतो की मालिक से करीब 70 सीसी लोग ग्रसित है अर्थात उनका दांत या मसूड़े कुछ न कुछ कमी पाई गई है जो शुरुआती अवस्था में ना पता चले तो अनेक प्रकार के दांत से संबंधित गंभीर बीमारियों में तब्दील हो जाता हैI  ओरल हेल्थ संबंधी कुछ बीमारी साँस के रोग और अन्य प्रकार के गंभीर बीमारियों को जन्म देती है जो जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करता बल्कि जानलेवा भी हो सकता हैIइसलिए यह बेहद जरुरी है की दांतों से सबंधित रोगों की शुरुआती लक्षणों को तुरंत पहचान कर उसका उपचार किया जायI

  • पायरिया क्या है?(WHAT IS PYORRHOEA?)  

पायरिया दांतो और मसूड़ों  में होने वाला एक संक्रमण है जो जीवाणु के कारण होता हैIयह बिमारी मुख्य रूप से मसूड़ों को  प्रभावित करता है Iइस रोग में दांतों के चारो ओर सूजन हो जाता हैI इसमें मसूड़े के अंदरूनी परत और हड्डियां ,दांतो और  दांतो के खांचे से थोड़े दूर हो जाते हैं जिसके कारण वहां थोड़ा गड्ढा हो जाता है वहां BACTERIA (जीवाणु) मौजूद होने लगते हैंIयह एक समान्य संक्रमण रोग है परन्तु यदि सही समय पर इलाज नहीं किया जाय तो हमारे दांतों और मसूड़ों के हड्डियों को धीरे -धीरे कमजोर और नष्ट हो जाता  है जिसके कारण व्यक्तियों के मुंह से बदबू आने लगती I पायरिया में मसूड़े लाल हो जाता है और कभी-कभी मसूड़ों से रक्तस्राव होने लगता हैI स्वस्थ्य वयक्ति के मुंह में विभिन्न प्रकार के जीवाणु होते हैं उनमें से अधिकांश जीवाणु किसी प्रकार के हानी नहीं पहुंचाते हैं पर जब दांतो को पूरे तरीके से अच्छे से साफ नहीं किया जाता है तो मुंह में बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं जो दांतो को और मसूड़ों को पायरिया रोग से प्रभावित्त करते हैंI एक प्रकर से यह एक ऐसी बीमारी ही जिसमे  समय पर अपने दांतो की साफ सफाई कर काफी हद तक फैलने (बढ़ने )से रोका जा सकता है वरना हड्डियां क्षतिग्रस्त हो जाती है दांत टूट कर गीरने लगते हैं और दर्द के साथ- साथ अनेक प्रकार के दिल से संबंधित अंदरूनी बीमारी को भी पायरिया जन्म देता हैI

  • पायरिया के प्रमुख कारण क्या है?(CAUSES)

हमारे मुँह में विभिन्न प्रकार के जीवाणु मौजूद रहते हैंIवे  जीवाणु हमारे दांतो और मसूड़ों को अनेक प्रकार के गंदगी और बीमारियों से बचाते हैं परंतु अगर मुंह के अंदरूनी भाग दांत और जीभ की सफाई नियमित रूप से सही तरीके ना हो तो  जीवाणुओं की संख्या बढ़ने लगते हैं और दांत और मसूड़ों को नुकसान पहुँचाते हैंI मुंह में जीवाणु (BACTERIA) वृद्धि होने पर एक चिपचिपा पदार्थ बनाते हैं जिसे प्लेग कहा जाता है यह दांत और मसूड़ों को हानि पहुंचाती है जिसे पायरिया रोग के नाम से जाना जाता हैI  जब भोजन में उपस्थित स्टार्च और शर्करा मुंह में पाए जाने वाले जीवाणु के संपर्क में आते हैं तो प्लेग दातों पर बनता है दांतो पर प्लेग के जमा होने से हानिकारक एनारोबिक नामक बैक्टीरिया जहरीले पदार्थों को छोड़ता है जिसकी वजह से दांतों और मसूड़ों के हड्डियों ,दांतो को क्षति पहुंचता हैI 

  • दांतों और मसूड़ों को लेकर हम इतना सक्रिय नहीं रहते अन्य रोगों की  तुलना में जिसके कारण हम सही तरीके से अपने दांतों और मसूड़ों का साफ़ -सफाई , क्या उचित-अनुचित है इस पर अधिक ध्यान नहीं देते जिसकी वजह से पायरिया जैसे रोग उतप्पन होते हैंI  
  •   हमेशा सही तरीके का जो हमारे दांतो और मसूड़ों के लिए अनुकूल हो उस प्रकार का भोजन -पानी नहीं करने का कारणI 
  • भोजन के पश्चात ब्रश नहीं करने से हम जितनी बार कुछ खाते -पीते हैं तो कुछ भोजन का भाग हमारे दांतों और मसूड़ों के बिच रह जाते हैं जो  हानिकारक जीवाणु का निर्माण करते हैं जो पायरिया के लिए जिम्मेदार हैI
  • शराब का सेवन और गुटका ,तम्बाकू अदि ध्रूमपान करने सेI 
  • किसी प्रकार के अधिक गर्म या ठंडा पेय पदार्थ पिने या भोजन करने से भी पायरिया हो सकता हैI
  • बार -बार टुथपेस्ट बदलने से, हमे हमेशा हर्बलयुक्त टूथपेस्ट से ब्रश ही करनी चाहिएI 
  • किसी भी तरह दांतो के साथ-साथ छेड़ने ,कुदेरने सेI 
  • हमारे हार्मोन में परिवर्तन भी पायरिया के लिए जिम्मेदार हैI 
  • यह आनुवंशिकी के कारण भी हो सकता है परन्तु इसकी वजह बहुत कम रोगियों में देखने को मिलता हैI 
  • अगर हम पहले से ही किसी पेट से सबंधित बीमारी से ग्रसित हों तो भी पायरिया हो सकता हैI 
  •  पायरिया के प्रकार (TYPES  OF PYORRHEA)-

पायरिया के  अलग- अलग लक्षणों के आधार पर इसे तीन भागो  में विभाजित किया गया हैI (1) क्रोनिक पायरिया (Chronic pyorrhea) (2)एग्रेसिव पायरिया(Aggresseive pyorrhea) (3)निकटैचिंग पायरिया (Nicktaching pyorrhea)

  •  पायरिया के प्रमुख लक्षण-(SYMPTOMS OF PYRIA)

 पायरिया के लक्षण शुरुआत में दिखाई नहीं देती है परन्तु धीरे -धीरे अगर समय पर उपचार न होने के कारण व्यापक रूप ले लेता हैI दिखाई नहीं देती हैI 

  • ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आनाI 
  • मसूड़ों में सूजन आना 
  • साँसों से बदबू आने लगता हैI 
  • मुंह का स्वाद परिवर्तित होनाI 
  • भोजन के उपरान्त चबाने से खून और दर्द महसूस होनाI 
  • एक -दूसरे दांतो के बिच अंतराल हो जानाI 
  • पायरिया में दांत कमजोर होकर खुद झड़ने लगते हैंI 
  • दांतो की जड़े दिखाई देनाI  
  • विभिन्न रंगों का आवरण दांतों पर दिखाई देनाI 
  • मसूड़ों में सनसनाहट और जलनI 
  • पायरिया के उपचार की प्रक्रिया(procedure of treatment)

पायरिया का उपचार दो तरीके से किया जाता हैI

 (1)नॉन सर्जिकल उपचार(NON-SURGICAL) (2)स्केलिंग उपचार(SCALING TREATMENT) वैसे तो पायरिया के लक्षणों को देखकर शुरुआती में ही दन्त चिकित्सक समान्य उपचार कर सकते हैंI परन्तु रोगी में पायरिया जटिल हो जाता है जैसे दांतों में टार्टर और प्लेग दोनों पाए जाते हैं तो इसे मशीने द्वारा सफाई कर हटा दिया जाता हैI पायरिया में दांतों और हड्डियों का आकलन करने के लिए एक्स-रे द्वारा जांच किया जाता हैI दांतो और मसूड़ों के बिच के दूरी का मापन करते हैं एक स्वस्थ मनुष्य में 1 से 2mm होता है अगर इससे अधिक दूरी बढ़ जाये तो इलाज किया जाता हैI

नॉन सर्जिकल उपचार में समान्य  रूप से सूई, दवाई आदि के साथ लेजर  उपकरणों के द्वारा टार्टर और दांतों मसूड़ों में उपस्थित गंदगी को साफ़ किया जाता हैI

जबकि सर्जिकल (स्केलिंग) उपचार में  डॉक्टर द्वारा कई प्रकार के सर्जरी लक्षणों को भांपकर किया जाता हैI जिनमें फ्लेप सर्जरी ,बोन ग्राफ्टिंग सर्जरी,टिश्यू ग्राफ्ट सर्जरी आदि कराया जाता हैI

  • पायरिया के घरेलु उपचार(Home remedies)

पायरिया का मुख्य घरेलु इलाज है हमेशा अच्छे तरीके से दांतो का सफाई करना और  नियमित रूप से समय पर स्वयं जांच करनाI

  • हमेशा भोजन के शुद्धता पर ध्यान दें अधिक मांसाहार तथा मसालेदार भोजन ना करें I
  • अधिक गर्म और अधिक ठंडी भोजन न करेंI
  •  शराब और ध्रूमपान ना करेंI
  • दांतों को प्रतिदिन भोजन  करने के बाद अच्छे तरीके से ब्रश करेंI
  • ब्रश के साथ-साथ नियमित रूप से नीम का दातुन भी  सर्वोत्तम हैI