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Brain Stroke ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क का आघात) Symptom-लक्षण-cause-treatment-उपचार

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  • Brain Stroke ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क का आघात)

मस्तिष्क  से जुडी प्रमुख बिमारियों में से एक है ब्रेन स्ट्रोक (Brain-stroke) मनुष्य की जीवनशैली पूरी तरह से प्रकृति के नियमों के विरुद्ध हो गयी ,लोगों की दिनचर्या में पूरी तरीके से परिवर्तन हो जाने के कारण अधिकतर  दिमागी रोग में तेजी से इजाफा हो रही हैI सुबह देर तक सोना ,रात को अधिक समय तक जागते रहना ,अनियमित और बाजार के अशुद्ध भोजन का सेवन ,व्यायाम और योग करने के बजाय दिन -रात मोबाइल ,कंप्यूटर ,गैजेट्स जैसे आधुनिक उपकरणों के साथ व्यस्त रहना आदि ऐसे क्रियाकलापों की वजह से तरह -तरह के रोग हो रहे हैंIहाल  ही में जारी किये गए आकड़ों के अनुसार केवल भारत में तीन व्यक्ति प्रति मिनट ब्रेन स्ट्रोक के शिकार हो जाते हैंIयह आंकड़ा तेजी से बढ़ रही है करीब 15 लाख भारतीय ब्रेन स्ट्रोक के शिकार हो रहे हैंI यह मुख्यत: 50 साल की उम्र के बाद हर औसतन हर छह में से एक पुरुष और हर पांच महिला में से एक महिला में ब्रेन स्ट्रोक के चपेट में आने का आशंका रहता हैIब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर बीमारी है जिसका रिकवर  न होने पर व्यक्ति हमेशा के लिए अपंग या तो रोगी की मृत्यु हो जाती हैI यह अधिकतर इसलिए होता है की अभी भी 40 फीसदी लोग ऐसे हैं जिन्हे इस बिमारी (ब्रेन स्ट्रोक) के बारे में पता ही नहीं हैI अगर हमें सही जानकारी शुरुआती दिनों में ही मिल जाए तो 80 फ़ीसदी लोग इस गंभीर बीमारी से बच सकते हैं

  • ब्रेन स्ट्रोक क्या है?

जैसा कि हम सभी जानते हैं दिमाग ही हमारे जीवन की मुख्य अंग है , जो हमारे पूरे शरीर को नियंत्रित करता हैI  एक प्रकार के स्ट्रोक एक प्रकार के विकार है आकस्मिक रूप से हमारे मस्तिष्क किसी अन्य अंग की तरह ठहर जाता हैI  हमारे मस्तिष्क के धमनियां(arteries) में अवरोध आ जाती है जिसके कारण मस्तिष्क का एक भाग सुन्न (dead)हो जाता है, जिससे मरीज में अनेक प्रकार के अचानक से  विकार उत्पन्न होने लगते हैंI इसमें रोगी बोलने , देखने, चलने में भी असमर्थ हो सकता हैI ब्रेन स्ट्रोक से शरीर के किसी बॉडी फंक्शन का अचानक काम करना बंद कर देता हैI  इसमें उनका खून का परिसंचरण(प्रवाह)नहीं हो पाता है, जिसके कारण ऑक्सीजन(oxygen) और न्यूट्रिशन(nutrition) नहीं मिल पता है , जिसके कारण धीरे-धीरे हमारे दिमाग की कोशिकाएँ  मरने लगती हैI अगर व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया ना जाए तो रिकवरी (recovery)के चांस बहुत कम होते हैं और उसके दिमाग सुन पड़ जाते हैं या व्यक्ति की लकवा के अन्य लक्षण  दिखाई देते हैं जिससे वह जीवित रखकर भी मृत की तरह केवल लाश बनकर रह जाता है इसलिए इसका इलाज लक्षणों को जान कर तुरंत ही करवाना चाहिएI हृदयाघात(हार्ट -अटैक) के लक्षणों की तरह बेन स्ट्रोक के लक्षण नहीं होते यह  हमारे ब्रेन के किसी भी हिस्से को प्रवाहित कर सकता हैI 

  • ब्रेन स्ट्रोक कितने  प्रकार के होते हैं?

 ब्रेन स्ट्रोक मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं

(1) इस्कीमिक स्ट्रोक (Ischemic -stroke) (2)हैमरेजिंग स्ट्रोक (Hemmorrhage stroke)

इस्कीमिक स्ट्रोक -इसमें ब्लड सप्लाई रुक जाती है ,कभी दिमाग में खून जम जाती है  इसमें रक्त प्रवाह में अत्याधिक कमी हो जाती है या किसी ऐसा खून का झटका जो  कहीं बाहरी अंगों दिल या किसी अन्य नसों में बना होता है वो दिमाग तक पहुंच जाता है जिसकी वजह से नस block हो जाती हैI 

हैमरेजिंग स्ट्रोक – इसमें खून की धमनियां (Arteries) फट जाती है, जिसके कारण रक्तस्राव (Bleeding) होने लगती है जिसके कारण ऑक्सीजन और पोषक तत्व से रोगी वंचित हो जाता हैI इससे दिमाग(BRAIN) में खून एकत्रित हो जाने से दबाव brain tissuses पर पड़ती है जो हमारे दिमाग को क्षतिग्रस्त करता है I

          इसके अलावा एक मिनी स्ट्रोक भी होता है, जिसे TIA(Transient ischemic Attack ) कहते हैंIयह भी एक प्रकार के ब्रेन स्ट्रोक है इसमें जो लक्षण आते हैं वह 24 घंटे के अंदर ही ठीक हो जाते हैं अर्थात यह समान्य स्ट्रोक हैI मस्तिष्क  के किसी हिस्से में थोड़े समय के लिए ही रक्त आपूर्ति में कमी हो जाती है तब इसकी स्थिति उत्पन्न होती हैI जिस रोगी को TIA स्ट्रोक आता है उन्हें समय-समय पर नियमित रूप से जांच करवाने की जरूरत होती है वरना यह भी गंभीर बन सकता हैI

  • ब्रेन स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण-(SYMPTOMS)

जब ब्रेन स्ट्रोक आता है तो यह शरीर के किसी अंग को भी  प्रभावित करता हैIब्रेन स्ट्रोक से प्रभावित व्यक्ति की उनके बॉडी बैलेंस, आंखें ,चेहरा ,हाथ, बोलने का तरीका इन सब को लेकर तुरंत इलाज होना जरूरी हैI  

  • किसी व्यक्ति को खुद को बैलेंस  करने या खड़े होने में दिक्कत हो तो यह स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैंI 
  •  बोलते बोलते आवाज बंद हो जाना
  •  अपनी इच्छा से और के हाथ पैर हिलाने में में भी असमर्थ हो जाता हैI 
  •  स्ट्रोक से चेहरे की मांसपेशियां कमजोर हो जाती है जिससे लार बहने लगती हैI 
  •  आंखों से अचानक दिखना बंद हो जाता हैI 
  •  अचानक सिर घूमने लगे या चक्कर आने लगता हैI 
  •  सुन्न पड़ना या झुनझुनी स्ट्रोक के समान्य लक्षण में से एक हैI 
  • स्ट्रोक की वजह से सांस लेने में तकलीफ हो सकती हैI 
  •  मरीज बेहोश भी हो जाता हैI 
  • लगातार सिर में चक्कर आना और उल्टी महसूस होनाI
  •  जुबान का लड़खड़ाना I 
  • ब्रेन स्ट्रोक के दौरान होने वाली प्रमुख जांचें-

ब्रेन स्ट्रोक  से ग्रसित रोगियों का पता लगाने के लिए विभिन्न प्रकार के समय-समय पर जांच होती रहती है जिसमें  सीटी स्कैन, एम आर आई, अल्ट्रासाउंड, सेरेब्रल एंजियोग्राम,आदि जैसे टेस्ट चिक्तिसकों द्वारा किये जाते हैं I 

  • ब्रेन स्ट्रोक से ग्रसित होने का मुख्य कारण –

बिगड़ती जीवन शैली अनियमित खानपान और आलस्यपन के साथ -साथ नशा उत्पादों ने  लोगों की जिंदगी रोगों से भर दिया हैI ब्रेन स्ट्रोक के रोगी भी इन्हीं कारणों की वजह से तेजी से बढ़ रहे हैंI 

  • लंबे समय तक  नशा करने और ड्रग्स लेने से शरीर के विभिन्न अंगों पर असर पड़ता है  ब्रेन स्ट्रोक के मुख्य कारणों में से एक हैI 
  • यह  हाइपरटेंशन अर्थात उच्च रक्तचाप के कारण भी  होता हैI 
  • अनियमित जीवन शैली और शारीरिक परिश्रम में कमी 
  •  अधिक सोच और तनाव के कारण भी ब्रेन स्ट्रोक हो सकते हैं I 
  • संतुलित आहार ना  लेना, अधिक मोटापा के कारण 
  • लम्बे समय तक काम करनाI 
  • ब्रेन स्ट्रोक से बचने का उपाय –

कुछ घरेलु नुस्खों और सावधानियां बरतने से इस रोग से हमेशा बचा रह सकते हैं

  • हमेशा ताजा और संतुलित आहार लें
  •  नियमित रूप से योग एवं व्यायाम करें
  • खट्टे फल जरूर ले जैसे नींबू ,अंगूर, संतरा जैसे फल फायदेमंद होते हैंI  जो प्रतिरोधी क्षमता को भी ठीक करता हैI 
  •   शराब और ध्रूमपान का सेवन  न करेंI 
  •  स्वास्थ्य को अनदेखी करने से बचें कथा छोटे-छोटे विकार उत्पन्न होने पर किसी अच्छे डॉक्टर से नियमित जांच करवाएं
  • बिना चिकित्सक  सलाह के मस्तिक से संबंधित दर्द  का दवा न लेंI 
  • 40 वर्ष के उम्र के बाद  नियमित रूप से शरीर की जांच करवाएं I 
  • मोटापा कम करें अगर आपका वजन ज्यादा है तो अधिक से अधिक डाइट प्लान और व्यायाम से मोटापा कम करने की कोशिश करेंI 
  •  अगर आपको  उच्च रक्तचाप और डायबिटीज  की बीमारी है तो रक्त को हमेशा को हमेशा  समान्य और शूगर नियंत्रित रखेंI 
  •  ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम और फाइबर युक्त  भोज्य पदार्थ होI 
  •  नियमित रूप से प्रतिदिन इन 4 लीटर पानी पियें  और मौसमी सब्जियों,फलों वह अपने आहार में जरूर शामिल करेंI 
  • नोट-  ऊपरोक्त  लिखी हुई तथ्य और बातें किसी  भी रूप से रोग के इलाज की पुष्टि नहीं करती यह  सिर्फ अपने पाठकों को जागरूक कर स्वस्थ और खुशहाल रखने के मकसद से  लिखा गया है I ब्रेन स्ट्रोक एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति की मौत हो सकती है या फिर रिकवर होकर सामान्य जीवन भी जी सकता है, इसलिए उपरोक्त लिखी गयी लक्षण दिखाई देने पर  तुरंत विशेषज्ञ न्यूरोसर्जन के पास जाकर सलाह अवश्य लेंI