HomeSerious Diseases

भूलने की बिमारी का इलाज(Treatment of memory loss)

Like Tweet Pin it Share Share Email

 

  • भूलने की बिमारी का इलाज(Treatment of memory loss) आधुनिक समय में भागदौड़ ,प्रतिस्पर्द्धा आगे बढ़ने के होड़ में लोग अपने शरीर को देखभाल करना भूल जाते हैI  अनियमित जीवनशैली ,खान-पान और बेढंग दिनचर्या के कारण जिंदगी में लोग तनाव के साथ-साथ कई प्रकार के रोग का शिकार  हो जाते हैं जो शारीरिक रूप से और मानसिक रूप से भी प्रभावित करता हैI इंसान के दिमाग में स्तरीय रूप से हमेशा परिवर्तन आते रहता हैI हम  जैसे -जैसे युवा अवस्था से बुढ़ापे की तरह कदम रखते हैं या यूँ कहें की अधेड़ उम्र में पहुंचते हैं तो कुछ ना कुछ भूलने लगते हैंI व्यक्ति का दिमाग  पहले की तुलना में सक्रीय नहीं रहता हैI बढ़ती उम्र में अगर हमारी यादाश्त कमजोर हो जाती है तो यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जो हर स्वस्थ मनुष्य में भी निहित होता हैI जिस प्रकार से हमारे शरीर के बढ़ते उम्र में हार्मोन में  हमेशा बदलाव आते रहते हैं जिनके कारण हमारी आवाज में परिवर्तन , हमारे बाल -दाढ़ी सफेद होने लगते हैं हमारे चेहरे और मांसपेशिया,हड्डियां दुर्बल हो जाती है चेहरे पर झुरिया दिखने लगती है पहले की तुलना में हमारी कार्यक्षमता घट जाती है यह सभी एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जिससे हर स्वस्थ मनुष्य को गुजरना पड़ता है जो किसी भी तरीके का रोग के श्रेणी में नहीं आता है उसी प्रकार से यादाश्त की कमजोर होना भी एक स्वाभाविक प्रक्रिया हैI परन्तु दैनिक दिनचर्या में जब आप रोज  महसूस करते हैं की आपको उस दिन की वर्तमान बातें ,घटना जब याद नहीं रहता कि अगले 5 घंटे पहले मैंने कौन सा कार्य किया है या कुछ याद करने की कोशिश करते हैं और याद नहीं रह पाता इस प्रकार के लक्षण भूलने की बीमारी के श्रेणी में आता हैIइसमें जीवन के महत्वपूर्ण यादगार घटनाएं करीबी रिश्तेदार महत्वपूर्ण कार्य भी याद नहीं रहते हैंI इसमें व्यक्ति आमतौर पर खुद को याद रखते हैं लेकिन उन्हें किसी कोई परिचित या कोई नई जानकारी या महत्वपूर्ण बातें -कार्य याद नहीं रहती,नयी यादें बनाने में ग्रसित व्यक्ति को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हैIकभी-कभी तो वह या भी भूल जाते हैं क्विक किस शहर में है या कौन सा साल या महीना चल रहा है कब मेरा जन्मदिन है?  भूलने की बिमारी (Memory-loss) किसी भी उम्र में बच्चे ,महिला ,पुरुष ,युवा किसी को भी हो सकती हैIइसके कारण अल्जाइमर ,डिमेंशिया जैसे अन्य समानता रखने वाले रोगों का उत्पत्ति भी हो जाती हैIइस बिमारी के वजह से इससे ग्रसित व्यक्ति को खुद की काबिलियत पर शक पैदा होने लगता है अर्थात आत्महीनता का महसूस होता हैIविशेष कर अगर आप कामकाजी युवा हैं या पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी के प्रदर्शन पर काफी असर पड़ता हैI उन्हें बोलते हुए भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है उन्हें सब सही शब्द नहीं दिमाग में आता है उनका व्यवहार बदला-बदला सा लगता है उनके व्यक्तियत्व में काफी फर्क आता हैI इस प्रकार के रोग में व्यक्ति हमेशा चिड़िचिड़ापन और अशिष्ट जैसा व्यवहार करने लगता है  और वह डिप्रेशन में चला जाता हैI वास्तव में भूलने की बीमारी (यादाश्त कमजोर होना)कोई विशेष रोग का नाम नहीं है बल्कि लक्षणों के समूह का नाम हैI
  • भूलने की बिमारी क्या है?(what is memory loss?)

इस बीमारी में लोग दैनिक जीवन की  छोटी-छोटी चीजें भी भूलने लगते हैं दिमाग का वह हिस्सा जो यादाश्त बनाता है उसे टेंपोरल लोब कहते हैंIजब हमारे मस्तिष्क के इस क्षेत्र में जो यादाश्त रखने में हमारी मदद करता है उसके क्षति हो जाता हैI तब भूलने की बिमारी(Memory loss)रोगी में उत्पन्न हो जाता हैIइस बीमारी में कुछ वक्त बाद ही बीता हुआ घटना या बतायी हुई  बातें लोग भूल जाते हैंI भूलने की बीमारी का अनेकों कारण है पर इसका कोई ठोस कारण नहीं मिला है और ना ही कोई इसका कोई विशेष उपचार है लेकिन मनोचिकित्सक द्वारा दवाईयां और मनोवैज्ञानिक  तरीके से भूलने की बीमारी से ग्रसित रोगी को उपचार करते हैंI

  • भूलने की बिमारी का कारण(CAUSES)-

भूलने की बिमारी के अनेक कारण हो सकते  हैं I उस तरीके का हर क्रियाकलाप जो हमारे शरीर  को हानि पहुंचाती हैचाहे वह अनियमित दिनचर्या हो,व्यस्त कार्यकम  जिसकी वजह से प्रायप्त मात्रा में नींद नहीं मिलताहै या किसी प्रकर की गतिविधियां जो हमें शारीरिक क्षति पहुंचाती हैI

वैसे चिकित्स्कों द्वारा बताये गये मुख्य कारणों में ये निम्नलिखित हैं –

तनाव(Stress) –अगर आप अपने जीवन में हमेशा दबाव महसूस करते हैं या अपने कामकाज को लेकर नाखुश हों  या किसी भी तरीके से अगर दिमाग पर तनाव होता है तो इसका व्यापक और नकारात्मक असर देखने को मिलता हैI  हमारे यादाश्त के कमजोर बनाने में तनाव का मुख्य भूमिका होता है तनाव किसी भी तरीके से आ सकती है चाहे वह निजी जिंदगी की बात हो या व्यवसायिक रूप से,आधुनिक समय में लोगों में तनाव की समस्या विस्तृत रूप से फैलती जा रही हैI  तनाव मन:स्थिति से उपजा विकार है जो मन एवं भावनाओं में गहरी दबाव पैदा करती है Iआधुनिक समय में लोग आर्थिक रूप से संपन्न ना होने पर,एक दूसरे से तुलनात्मक जिंदगी, पढ़ाई -कॅरियर को लेकर आदि किस भी कारणों से आ सकते हैं तनाव में व्यक्ति अधिक सोचता है (Over- thinking) और जिसकी वजह से व्यक्ति मनोवैज्ञानिक रूप से बीमार हो जाता हैIजब मानसिक तनाव होता है तब व्यक्ति एकाग्र होकर नहीं कर पाता है इस कारण  वैसे व्यक्ति के यादाश्त में हमेशा कमजोरी देखने को मिलती हैI

  • अपर्याप्त नींद हम अपने व्यस्त दैनिक जीवन के कारण हमेशा अपने निजी और व्यवसायिक कार्य में व्यस्त रहते हैं तो पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं ले पाते हैं जो हमारे शरीर को काफी नुकसानदायक होता है आज के दौर में मोबाइल गैजेट्स जैसे उपकरण के चलते व्यक्ति रात को भी कार्यालय के लिए कार्य करता है और फुरसत के समय में मनोरंजन आदि के लिए आज के युवाओं देर रात तक भी मोबाइल ,कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं या अधिक मानसिक तनाव के कारण भी नींद  नहीं आती है जिस जिसके कारण नींद पर्याप्त मात्रा में नहीं ले पाते हैं हमारे शरीर को उचित मात्रा में विश्राम नहीं मिलता है जिसकी वजह से हमारा शरीर ,दिमाग सही तरीके से कार्य नहीं करता हैI करीब हर इंसान को कम से कम ७ घंटे नींद लेना आवश्यक हैI 

  • मायग्रेन ,डाइबिटीज,अल्जाइमर आदि किसी भी बीमारी से लंबे समय तक ग्रसित रहने से या यह अत्याधिक दवाइयों का सेवन भी मानसिक रूप से हमारे शरीर को दुर्बल बना देता हैI
  • शराब, सिगरेट ,गुटका आदि किसी प्रकार के धूम्रपान करने से नींद के गोलियां का सेवन करने से Memory loss हो सकता हैI 
  • अच्छे भोजन नहीं लेने से आज के दौर में लोग बजार के रेडीमेड मसालेदार ,जंक फूड ,चाइनीज़ फ़ूड तेल,रिफाईनयुक्त वाले खाद्य पदार्थों का अधिक तवज्जों देते हैं जिनमें पोषकत्व की कमी रहती हैI इन खाद्य पदार्थों से  विटामिन B12 नहीं मिल पाता हैI जिसकी वजह से यादाश्त कमजोर होने लगता हैI 
  • अत्याधिक कंप्यूटर ,मोबाइल,गॅडजेट्स आदि के उपयोग करने से अगर आप अत्यधिक समय मोबाइल पर बिताते हैं तो भी एकाग्रता निरंतर नहीं रहता  यादाश्त कमजोर होने लगता हैI 
  • किसी कारणवश सर में चोट लगने के कारण या दिमाग से सबंधित बिमारियों या ब्रेन कैंसर ,ब्रेन ट्यूमर आदि जैसे बिमारियों के कारण भी यादाश्त काम होने लगता हैI 

  • भूलने की बिमारी का लक्षण -(SYMPTOMS)

अक्सर भूलने वाले रोगी  अचानक से अलग व्यवहार करने लगते हैं उनमें अंदर गुस्सा के साथ-साथ कुछ चिड़चिड़ापन  और हमेशा उदासी देखने को मिलता हैI उनके अंदर कुछ परिवर्तन देखने को मिलता है जो निम्न है

  • वह अपने रोजमर्रा जिंदगी के बात भी भूल जाते हैं जैसे छोटी -बड़ी  बातें भी भूल जाते हैंI यहाँ तक की १ घंटे पहले क्या किये थे किससे  मिले थे ?उन्हें क्या करना है इस तरह की बातें भी भूलने लगते हैंI 
  • इस रोग से ग्रसित व्यक्ति हमेशा चिड़चिड़ापन और भ्रमित रहते हैंI  
  •  उनमें आत्मविशास  की कमी लोगों से काफी कम बोलना,अधिक सोना या कम सोते हैंI 
  • इस रोग से ग्रसित व्यक्ति चेहरे और स्थानों को भी नहीं पहचान पाता हैI 
  • अगर सही समय पर उपचार ना हो तो समय बितने के साथ-साथ यह बीमारी बढ़ती जाती हैI 
  • इस बिमारी के  कारण वव्यक्ति की स्वास्थ्य पर नकरात्मक असर पड़ता है उनके शारीरिक गतिविधियां भी मानसिक गतिविधियां के साथ-साथ काम हो जाती हैI 

  • भूलने की बिमारी का घरेलु  उपचार-

इस  बीमारी में डॉक्टर द्वारा रोगियों की जांच कर दवाइयां के अलावा मनोवैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाता है जिसमें रोगी की परिवार की भूमिका अहम होती हैI इसके अलावा कुछ सावधानी बरतने और घर पर कुछ क्रियाकलाप करणे की सलाह दी जाती हैI

  •  उपरोक्त लक्षण किसी व्यक्ति में  देखि जाती है तो समझ लेना चाहिए की वो इस प्रकार के बिमारी से ग्रसित है इसमें व्यक्ति को हमेशा  नियमित शुद्ध भोजन लेनी चाहिएI 
  • पर्याप्त मात्रा में नींदअवश्य  लेंI  
  • दबाव कम करने के लिए हमेशा नकरात्मक विचार अपने मन में ना आने दें,अपनी तुलना किसी और से ना करें हमेशा सकरात्मक सोचेंI 
  • हमेशा हरे सब्जियों,फलों आदि का नियमित सेवन करेंI 
  • योग ,व्यायाम,खेल को दैनिक जीवन में शामिल करेंI 
  • ध्रूमपान ना करेंI  

  • नोट-  यह जानकारी चिकित्सकों और किताबों के माध्यम से संग्रह के आधार पर दी गई है जो पूर्ण रूप से आपके  उपचार की पुष्टि नहीं करती बल्कि आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है I जब भी उपरोक्त लिखी गई लक्षणों या विकार दिखाई देता हो तो यथाशीघ्र अपने नजदीकी चिकित्सकों  से संपर्क करेंI