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जहर खाने Poison Consumed person Treatment & First Aid क्या करे? उपचार

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  • जहर खाने के बाद समाधान (POISION CONSUMED SOLUTION)

जहर(poision) से केवल हमारा आशय  यहाँ सिर्फ विषैले रसायनिक तत्व ,यौगिक  पदार्थ ,कीटनाशक दवाईयां आदि से ही नहीं है बल्कि प्रत्येक ऐसा  पदार्थ जिसे खाने के बाद व्यक्ति के शरीर को क्षति पहुंचाती है अर्थात उपचार न हो तो प्राण जाती  है उसे जहर के श्रेणी में रखा जाता हैI जहर दूषित भोज्य खाद्य पदार्थ ,नशीली पेय पदार्थ, गंभीर रोगों (नींद,दर्द निवारक,कैंसर आदि)में दी जाने वाली उनका अत्यधिक सेवन (OVERDOSE)में  आदि भी जहर का रूप ले लेता हैI जहर कई प्रकार के हो सकता है कुछ जहरीला पदार्थ तुरंत ही शरीर को प्रभावित करता है तो कुछ 5-6 चांटे बाद या एक दिन बाद भी अपना प्रभाव दिखाता हैI कभी-कभी व्यक्ति के सामने ऐसी परिस्थितियां हो जाती है जाने -अनजाने में इस प्रकार के विषैले पदार्थों का सेवन कर लेता है जिससे उसके शरीर में पूरे जहर फैल जाते हैं और अगर उनके परिवार वाले को जनकारी ना हो या उचित उपचार के अभाव में उस व्यक्ति की  मौत हो जाता हैI इस प्रकार की विकट पिस्थितियाँ आने पर हमारे दिमाग की सक्रियता भी काम करना बंद कर देता है अर्थात उस समय हमें किसी प्रकार का विचार- सोच का समय नहीं मिलता हैI इसलिए यह जरूरी है कि हम उस प्रकार के पदार्थों का सेवन करने से परहेज करें अगर जाने-अनजाने में सेवन हो जाए तो इस आलेख में दी गयी लक्षणों के आधार पर आसनी से पहचन सकते हैं की जहर फ़ैल रहा है या मामूली सा रोगI करीब 30 फीसदी ऐसे लोग हैं जो बिना विस्तृत जानकारियां के आभाव में कोई ऐसे पदार्थों  का सेवन कर लेते हैं जो अंदर -अंदर ही शरीर में जहरीला पदार्थ का रूप ले लेता है और सही समय पर लक्षणों के जानकारी न होने पर इलाज के आभाव में उनकी मौत हो जाती हैI इसलिए यह बेहद आवश्यक है की जहर और उनसे सबंधित तथ्यों की पूरी जानकारी होना जिससे कभी कोई जहर खा लें तो ये  

  • जहर क्या है?(what is poision?)  

वैसे पदार्थ जो मनुष्य के सेवन (खाते) करते हीं उसके कोशिकाएं ,ऊतकों को नष्ट करने लगता है और तंत्रिका तंत्र के साथ-साथ श्लेष्मा झिल्ली और त्वचा पर प्रतिकूल प्रभाव छोड़कर  हमारे परिसंचरण तंत्र(circulatory system)को तुरंत निष्क्रिय बना देता हैI जिससे मनुष्य के शरीर के धीरे -धीरे सारी अंगों(organs)का काम करना बंद हो जाता हैI जिसके कारण व्यक्ति की मृत्यु हो जाती हैI उसे जहर या विष कहते हैंI   उसके शरीर के हर अंग है करना काम बंद कर देता है जिससे व्यक्ति के कुछ समय बाद ही मौत हो सकती हैIकिसी भी प्रकार का केवल बासी(stale) भोज्य पदार्थ हीं नहीं बल्कि ताज़ी हरी सब्जियां अन्य खाद्य पदार्थ भी जिन्हें केवल अनुचित तरीके से जैसे गंदे नाले के दूषित  पानी से, केवल रसायनिक खाद्य पदार्थों से तैयार किया जाता है वह भी दूषित होकर जहर बन जाता है जिनमें अनेक प्रकार कुछ जहरीला तत्वों लेड(pb) क्रोमियम(cr) ,मैग्नीज़(Mn) आदि का मिश्रण होता हैI जो हमारे दिमाग,किडनी ,लिवर को धीरे-धीरे निष्क्रिय बना देता हैI इसलिए हमें  सिर्फ केवल दवाई और रासयनिक पदार्थों पर ही नहीं बलकि ताज़ी भोजन करने के बाद भी उनकी तबियत बिगड़ती है तो हमें तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक के पास अस्पताल जाना होगा क्यूंकि उनके लक्षण भी अन्य जहर की उपभोग के भांति ही होता हैI 

  •  जहर कितने प्रकार के होते हैं?(Types of poision)-

वैसे तो जहर का वर्गीकरण करना मुश्किल है क्योंकि ऐसी कोई पदार्थ नहीं है जो मनुष्य के मरने के योजना से बनाया जाता हैI वह हर रसायन पदार्थ जिसके संपर्क में आते ही सीधा असर मनुष्य के स्वास्थ्य पर पड़े जहर के श्रेणी में आता है,जहर विविध प्रकार  के हो सकता है कार्बनिक ,अकार्बनिक ,ज्वलनशील पदार्थ,अम्लीय, द्रव्य ,अम्ल ,भस्म ,गैस किसी के रूप में हो सकता है जिसके छूने से सूंघने से या सेवन करने से इंसान की मौत हो सकता हैI उदाहरण के तौर पर कुछ ऐसे तत्व फॉस्फोरस ,क्लोरीन,कॉपर,पारा इत्यादि जो की अकार्बिन श्रेणी में आते हैं जो विषैले होते हैं वहीँ कुछ तत्त्व ऐसे हैं  जो अकार्बनिक तो हैं पर विषैले नहीं हैंI ठीक उसी तरह गैसों की बात करें तो जहाँ ऑक्सीजन और कार्बनडाईऑक्सइड के बिना जीवित नहीं रह सकता तो वहीँ कार्बन मोनो ऑक्साइड ,नाइट्रस ऑक्साइड,सल्फर नाइट्रेट के संपर्क में आने से व्यक्ति की मौत हो जाती हैI कुछ जहर ऐसे हैं जिनके सेवन से मात्र सूंघने से ही सीधे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और मांसपेशियों को लकवा मार देता है और कुछ मिनटों के अंदर व्यक्ति  हो जाती हैI ऐसे जहर पदार्थ के तीनों अपरूपों में हो सकते हैं चूँकि ये नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है तो इसे नर्व एजेंट कहा जाता हैI जहर केवल मुंह के जरिए ही नहीं नाक,फेफड़ा,त्वचा के जरिये भी पुरे शरीर में फ़ैलता हैI

  • जहर के खाने के बाद का लक्षण -(Symptoms)

अगर कोई इंसान जहर खा लेता है तो उसमें निम्न प्रकार के लक्षण देखने को मिलता है अर्थात शरीर में अनेक प्रकार के प्रतिकूल गतिविधियां होती हैं-

    • व्यक्ति के पेट में बहुत तेज दर्द और ऐंठन होती है और अपर्याप्त निरंतर उल्टियां होना शुरू हो जाता हैI
    • व्यक्ति को बार-बार दस्त होते हैं जिनमें उनके साथ साथ झाग भरे मवाद भी निकलते हैंI 
    •  उनकी सांसें फूलने लगती है और बोलने में भी काफी कठिनाई होती है जिसके कारण उसे सीने में दर्द महसूस होता हैI 
    •  उनके सामने उनकी आंखों के सामने धुंधला दिखाई देता है धीरे-धीरे आंखें बंद होने लगती हैं और आवाज भी काफी कम सुनाई देता हैI 
    • व्यक्ति  कुछ ही मिनट में अचेत होने लगता है अर्थात वह बेहोश होने लगता है वह अच्छे से खड़ा भी नहीं हो पाता है, अनियंत्रित होकर फर्श पर  गिर जाता हैI 
    • चक्कर आना ,सिर में अचानक से तेज दर्द शुरू होनाI 
    • मूत्र के जरिये खून निकलना,नाक से भी कभी-कभी खून निकल सकता है अगर व्यक्ति किसी जहरीली गैस के संपर्क में आ गया हो तोI 
    • पेट और गले में तीर्व जलन होनाI 
    • मांसपेशियों के अंदर ऐंठन शुरू हो जाता है शरीर के निचले अंगों का सुन्न और ठंडापन पड़  जाना इसके उपरांत व्यक्ति को लकवा मार देता हैI 
    •  हृदय गति असमान्य हो जाना ,बार-बार झटके आना
  • त्वचा का नीला और काला पड़  जाना
  •   कोई जहर खा लें तो करें ये घरेलु उपाय -(Emergency First Aid)

अगर कोई व्यक्ति जाने -अनजाने में जहर खा ले तो बिना विलंब किये अस्पताल ले जाने के कर्म में करें ये उपाय-

  •  अगर कोई व्यक्ति जहर खा  लिया हो तो तुरंत ही उल्टी करवाएं अगर पीड़ित खुद से उल्टी ना कर रहा हो तो गले के पीछे मार कर या मुंह के अंदर उंगलियां डालकर उल्टी करवाएंI 
  •  तुरंत अस्पताल पहुंचने की कोशिश करें अगर व्यक्ति बेहोश हो गया हो तो कृपया उसे अच्छे से बिस्तरर पर लेटा देंI 
  • रोगी को दूध पिलाने की कोशिश करें क्यूंकि विष के संपर्क में जाने से दूध फट जाता है और व्यक्ति की शरीर के अंदर से उल्टियों के माध्यम से विष बाहर निकल जाता हैI 
  • गाय का देसी घी और काली मिर्च  भी काफी लाभदायक होता हैI 
  • जहर खा लेने  के बाद पीड़ित व्यक्ति की किसी भी तरीके से पेट खाली करा देना आवश्यक है जिसके उपरांत व्यक्ति की चिकित्सीय उपचार में काफी सहायक हैI 
  • किसी भी तरीके का घरेलू उपचार कर रोगी को ठीक होने की उम्मीद ना करें जल्द से जल्द अस्पताल ले जाने की कोशिश करें बिना चिकित्सीय उपचार का व्यक्ति स्वस्थ नहीं हो सकता हैI 
  • जहर खा लेने पर चिकित्स्कीय उपचार -( Medical Treatment)

जैसे ही जहर खाये हुए रोगी अस्पताल पहुंचता है तो सर्वप्रथम डॉक्टर द्वारा कोशिश की जाती है यह सुनिश्चित करने की व्यक्ति किस तरीके का जहर का सेवन किया हैI उसके बाद व्यक्ति की नाक से एक यंत्र  RYLES TUBE के जरिये पूरी तरीके से पेट को साफ़ किया जाता है ताकि जहर परिसंचरण तंत्र(circulatory system) और पुरे शरीर के अंदर ना फैले इस प्रक्रिया को चिकित्सीय भाषा में Gastric lavage कहा जाता हैI  इसके बाद सूई(Needle) के माध्यम से Normal Saline या अन्य तरल पदार्थ पूरी तरिके से साफ़ किया जाता है ताकि जहर से प्रभावित क्षेत्र पुनः अच्छे तरीके से साफ़ हो जाएI इसके बाद पल्स ,श्वसन दर ,आँखों का आकार  ,हृदय-गति, ब्लडप्रेशर आदि की प्रमुख जांचे करने के बाद व्यक्ति के स्थिति के अनुसार दवाईयां दी जाती हैIअधिक गंभीर मामलों में जहर अधिक और खतरानक हो तो उसका एंटीडोट दिया जाता हैI इसके अलावा व्यक्ति की खून की जाँच और ECG(Electrocardiogram)टेस्ट भी किया जाता हैI 

  • नोट-  यह जानकारी चिकित्सकों और किताबों के अध्ययन के  संग्रह के आधार पर दी गई है जो पूर्ण रूप से आपके  उपचार की पुष्टि नहीं करती हमारा मकसद सिर्फ स्वास्थ्य के प्रति आपको सचेत कर आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करना  है I परन्तु यह बात स्पष्ट हो जाता है अगर जहर खाये हुए पीड़ित व्यक्ति की समय पर सही उपचार मिल जाए तो व्यक्ति की जान बच सकती है और पुनः व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकता हैI जब भी उपरोक्त लिखी गई लक्षणों या विकार दिखाई देता हो तो यथाशीघ्र अपने नजदीकी चिकित्सकों  से संपर्क करें