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कम उम्र में बाल सफ़ेद होना(Premature Grey Hairs)(केनाइटिस) के Symptom-लक्षण-cause-treatment

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  • कम उम्र में बाल सफ़ेद होना(Premature Grey Hairs)(केनाइटिस)     

 पहले आदमी के उम्र की अंदाज़ उनके बालों से लग जाता था परंतु आज अशुद्ध खाद्य  पदार्थों का सेवन,अनियमित जीवनशैली सहित अनेक ऐसे कारण है जिससे कोई भी मनुष्य को सही उम्र पहचानने में उनका बाल का प्रतीक रहना संभव नहीं है क्योंकि आज काफी कम उम्र में लोगों के बाल झड़ जाने की वजह से गंजा हो रहें हैं ,किशोरावस्था में हीं उनके बाल सफेद होने लग रहे हैं जिसकी वजह से सौंदर्यता ख़त्म होने लगता है उनमेंआत्महीनता के भावना स्वत: उत्पन्न  हो जाता हैIकई बार वह निराश होकर डिप्रेशन में चले जाते हैंI उनके निजी जिंदगी में काफी असर पड़ता हैI सामान्यत: ४० वर्ष के अधिक उम्र होने पर बाल सफ़ेद होते हैं तो यह कोई चिंता का बात नहीं होती हैI

  • बाल सफ़ेद क्यों होता है?  

समय से पहले कम उम्र में जब बाल सफ़ेद होते हैं उसे चिकित्सीय भाषा में केनाइटिस कहते हैंI अंग्रेजी में Pre Mature Grey Hairs कहा जाता हैI  हमारे शरीर के खोपड़ी(SKULL) के अंदर HAIRFOLICALS होते हैं जो बाल उत्पन्न करते हैंIहमारे HAIRFOLICAL के अंदर मेलेनोसाईट नामक कोशिका पायी जाती है जो कि मेलेनिन  नामक वर्णक बनाते हैं जो बालों को स्वभाविक रंग प्रदान करता हैI जब किसी कारणवश हमारे शरीर में किसी अंग का का उचित रूप से कार्य न करने के कारण या अंदरूनी अंगों के ऊतकों में परिवर्तन होने लगता है,कोशिकाओं में असमान्य वृद्धि और अन्य रोगों के प्रभाव में आ जाते हैं  तो मेलेनोसाईट कोशिका मेलेनिन वर्णक बनाना काम कर देते हैं जिसके कारण शुरुआत में भूरा और उसके उपरांत सफेद होने लगता हैI

  • बाल सफ़ेद होने का प्रमुख कारण(CAUSES) –

केनाइटिस कई तरह के हमारे छोटी-छोटी अनियमित लाइफस्टाइल जान बुझ कर की गयी लापरवाहियां या गलतियों के कारण होता हैI जो बाद में एक रोग का रूप ले लेता है इसमें कई ऐसे मेटाबॉलिक रेट होते हैं जिससे कारण हमारे बाल सफेद होने लगता है और हमें तुरंत एहसास भी नहीं होता हैI

  •  अक्सर देखा जाता है कि जिनके माता -पिता या पूर्वजों का कम उम्र में बाल सफेद होने लगते हैं उनके  संतानों में भी यह लक्षण जरूर देखने को मिलता है इसे अनुवांशिक बीमारी कहा जाता हैI जो लाइलाज होता है जिसे पूर्ण रूप से ख़त्म नही किया जा सकता हैI 
  • अत्याधिक शराब का सेवन और ध्रूमपान  करने से यह शरीर को निष्क्रिय बनाता है जिनके कारण मेलानिन वर्णक भी निष्क्रिय करने लगता हैI 
  • बजार के मसालेदार युक्त भोजन ,जंक फ़ूड ,चाइनीज फ़ूड जैसे भोजन करने से जिसमें पोषक तत्वों की बहुत कमी होती है और लो फाइबर और हाई कैलोरी डाईट  के साथ-साथ उच्च वसायुक्त होता है जो सफेद बाल होने का मुख्य कारण बनते हैंI
  • अगर आप पूर्व से हीं  कुछ क्रोनिक रोगों से ग्रसित हैं तो जैसे कि मलेरिया,टाइफाइड , थायराइड,डायबिटीज ,एनीमिया आदि जैसे रोग से ग्रसित हैं या अन्य पोषक तत्वों से कमी होने वाले रोगों के कारण बाल सफ़ेद जल्द हो सकते हैंI 
  • आज के आधुनिक समय में देखा जाता है कि  लड़के हो या लड़कियां सभी लोगों में अपना सौंदर्य  निखारने के लिए बालों में अनेक प्रकार के कॉस्मेटिक चीजों की सहारा ले जाती है जैसे कि हेयर ड्रायर,स्प्रे ,जेल जो  अतिरिक्त संवेदी रसायन उपस्थित होता हैजिनके कारण हमारे मेलानोसाइट्स कोशिका खत्म होने लगते हैं जब एक कोशिका है खत्म होने लगती हैं तो जाहिर सी बात है उन से बनने वाली वर्णक मेलेनिन की मात्रा  भी कम होगी जिनकी वजह से हमारे बाल सफ़ेद होने लगते हैंI 
  • आधुनिक युग में भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा वाले जीवन में हर वर्ग -हर उम्र के लोग अपने पढ़ाई ,अपने कैरियर,घरेलु सबंध आदि  को लेकर तनाव में रहते हैं ,नींद भी पर्याप्त मात्रा में नहीं लेते हैंI तनाव के कारण भी बाल जल्दी सफेद होने लगते हैंI
  • वैसे लोग जो हमेशा अधिक प्रदूषित जगहों पर या जहां सूर्य का प्रकाश अधिक होता है वहां काम करते हैं या अधिक समय बिताते हैं उनके अंदर भी बाल धीरे-धीरे सफेद होने लगते हैंI 
  •  किसी भी प्रकार के एलर्जी क्राइनोटिक्स (सर्दी,खांसी)हमेशा ग्रसित होने के कारण भी यह बालों काफी प्रभावित करती हैI 
  • प्रोटीन डेफिशियेंसी से उत्पन्न होने वाले रोग (क्वाशियोरकर,मरासमस) के कारण भी बाल जल्दी सफ़ेद होते हैंI 
  • प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में PCOD  या PCOS जैसे रोगों के कारण जिसमें हार्मनोल असंतुलन हो जाता है जो प्रीमेच्योर ग्रे हेयरिंग हो सकती हैI 
  • TREATMENT OF  PREMATURE GRAYING OF HAIR (उपचार)-

 प्रीमेच्योर हेयर ग्रोइंग में पूर्व से सफ़ेद हुए बालों को किसी नेचुरल हेयर कलर जिनमें अमोनिया की मात्रा काफी कम होती है ,हर्बल तेलों के माध्यम से सफेद बाल को कुछ समय के लिए  काला किया जाता है परंतु स्थाई रूप के लिए नहीं इसमें उपचार बचे हुए बालों को सफेद होने से बचाने के लिए उपचार किया जाता है जिनमें दवाइयों के साथ-साथ मुख्य रूप से अनियमित जीवनशैली और पोषक तत्व युक्त डाइट की सलाह दी जाती हैI

  • हमें अपने भोजन में हमेशा दाल ,चावल,रोटी ,दूध अंडा  और मौसमी हरी सब्जियों और फलों का सलाद शामिल करनी चाहिएI
  • अधिकांहशत: हमारे बाल विटामिन B12 और विटामिन D की कमी के कारण जल्दी सफेद होते हैं इसलिए हमें स्ट्रॉबेरी ,चेरी,आंवला,बादाम ,दूध और अन्य मौसमी फलों का जूस और अन्य फल सब्जियों का  उचित मात्रा में सेवन करने से हमें कॉपर और आयरन प्राप्त होता है जो बाल को सफेद होने से रोकता हैI
  •  जंक फ़ूड ,मसालेदार, शक्कर और नमक का सेवन काफी कम मात्रा में करें, इस प्रकार के भोजन शरीर में एसिडिटी बनाता है और हार्मोनल असंतुलन भी हो सकता हैI जिसमें बाल सफ़ेद होने की आशंका अधिक बन जाता हैI 
  • प्रतिदिन 3 से 4 लीटर पानी  जरूर पियेंI 
  • सप्ताह में नियमित रूप से बाल को तेल मालिश करें जिसमे बालों का पोषकतत्व मिलेगाI 
  • निम्बू का रस ,नारियल का तेल से हमेशा मालिश करें जो रक्त सक्रियता को बालों में बनाये रखता हैI 
  • ध्रूमपान और शराब का सेवन बिलकुल ना करेंI 
  • हमेशा ७ घंटे नींद जरूर लें नियमित व्यायाम और योग जरूर करेंI 
  • बालों को दो दिन में हमेशा शैम्पू करें किसी भी तरीके के कॉस्मेटिक रसायन हेयर स्प्रे ,हेयर जेल आदि का इस्तेमाल ना करेंI 
  • हमेशा प्रदूषित जगह ,धुंआ ,धूल और अधिक धुप से बचेंI   
  •  किसी अच्छे विशेषज्ञ डॉक्टर से जरूर उपचार करवाएंI
  • नोट-  यह जानकारी चिकित्सकों और किताबों के माध्यम से परामर्श और संग्रह के आधार पर दी गई है जो पूर्ण रूप से आपके  उपचार की पुष्टि नहीं करती बल्कि आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है I जब भी उपरोक्त लिखी गई लक्षणों या विकार दिखाई देता हो तो यथाशीघ्र अपने नजदीकी  चिकित्सकों से संपर्क करेंI