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सांप काटने पर क्या करे? उपचार Snake Bite Treatment & First Aid

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  •  सांप काटने पर क्या करे?(SNAKE BITE TREATMENT)

सांप ईश्वर का दिया हुआ एक अनमोल उपहार हैIयह मनुष्य के दोस्त है हमें सीमित ज्ञान होने के कारण हम इसे  हमेशा हिंसक समझकर उसे मार देना चाहते हैं या तो हम उसे किसी ऐसी जंगल में छोड़ना चाहते हैं जहां इंसान का वास ना हो यह इसलिए है क्योंकि सांपों के बारे में हमारी जानकारी विस्तृत नहीं हैI सांप हर तरीके से हमारी मदद करता  चाहे वह फसलों के बर्बादी से रोकने का कार्य हो ,हमारे फसलों को ना सिर्फ चूहों से यह रक्षा करता है बल्कि इसके केंचुएं अनेक प्रकर के वैसे जीव-जंतु जो फसलों को क्षति पहुंचाते हैं उससे रक्षा कर हमारे खेत को उर्वरक प्रदान कर उपजाऊ बनाता हैIइनका होना हमारे लिए और पर्यावरण   के लिए बेहद ही आवश्यक हैI सांप थल और जल दोनों में पाया जाने वाला सरीसृप प्राणी है I सांप विषैले और विषहीन दोनों तरह के होते हैंI साँपों के कान नहीं होते इसलिए उन्हें सुनाई नहीं देता जिससे आदमी की आवाजों को सुन सके और आहट पाते भाग जाए या उन्हें जानबूझकर काटे , वैसे तो सांप  का आंख होता है परंतु आंखों से केवल काले और सफेद रंग को ही स्पष्ट रूप से देख पाता हैI हालांकि सांप तभी मनुष्य को काटता है जब जाने -अनजाने में मनुष्यों द्वारा उसको स्पर्श (छेड़ा) किया जाता है जिसके कारण वह आत्मरक्षा के लिए काटता है इसके बावजूद विश्व मे सांप के काटने से करोड़ों लोग जान गवां बैठते हैंI भारत में ही करीब प्रत्येक साल लगभग 50,000 लोगों की मौत सर्पदंश(snake)के कारण हो जाता हैI  सांप स्वाभाव से भले ही आक्रमक दिखे परन्तु डरपोक होता हैI कुछ सांप बेहद ही जहरीले होते हैं वह हमेशा थूकते(spit) रहते हैं चुकी ऊके थूक में विष होने के कारण उनके थूक के प्रभाव में आने से भी किसी भी जीव की जान जा सकती हैIसांप के काटने से तुरंत मौत नहीं होता है बल्कि अन्धविश्वास,इलाज के आधुनिक और मूलभूत सुविधाएँ ना होने के कारण ,इलाज में देरी की वजह से पुरे शरीर में जहर फ़ैल जाती है जिसकी वजह से व्यक्ति को  जान गवांना पड़ता हैI अगर जहरीले साँपों के काटने के बाद तुरंत ही उचित उपचार हो सके तो मनुष्य की जीवन को बचाया जा सकता हैI सांप अधिकतर निशाचर होते हैं और अँधेरे में चाहे रात हो या सुबह भोजन के खोज में वो से निकलते हैंI इसीलिए हमें अपने घरों में रौशनी और उजाला हमेशा रखें जिससे सांप के घरों में घुसने का खतरा कम हो जाता हैI

  • सर्पदंश का लक्षण (Symptomps of snake bite) –

सांप के काटने पर हमारे ऊतक  निरंतर नष्ट होने लगते हैं और जी मचलता है और धीरे -धीरे पूर्ण शरीर में  विष फैलने लगता हैIकई सांप बहुत विषैले होते हैं जिसमें व्यक्ति के पास मात्र उपचार हेतु आधे घंटे ही  समय शेष रहता है ,तो कई सांप ऐसे होते हैं जिनके काटने पर अगर व्यक्ति को 5-6 घंटों के बाद भी उपचार होने पर भी जीवत  और पूर्णत: स्वस्थ रह सकता हैIकई इसे भी सांप है जो विषहीन होते हैंIसांप जब भी काटता है तो निम्न तरह के लक्षण सभी पीड़ित  में दिखाई देती हैI

  • सांप जिस स्थान पर काटता है वहां असहनीय जलन होती हैI
  • जल्दी-जल्दी दस्त होना,जी मचलना और मल-मूत्र त्याग होने लगता हैI
  • रोगी के शरीर पर नियंत्रण नहीं रहता आँखों के सामने अँधेरा छाने लगता हैIधुँधला दिखाई देना,पलकें(Eyelash) बार-बार झपकनाI
  • सर में तेज दर्द, चक्कर आना और भारीपन महसूस होनाI
  • सांस (Breath) में रुकावट साँस लेने में परेशानी  होनाI
  • शरीर का नीला और काला पड़नाI
  • शरीर  में जलन और खुजलाहट होनाI
  •  नब्ज का तेज होना ,मांसपेशियों में ऐंठन होनाI
  •  रक्तस्राव अंदरूनी रूप से और बाहरी रूप से भी हो सकता हैI
  • मुँह से अत्यधिक मात्रा में लार का गिरनाI
  • व्यक्ति के रक्तस्राव उच्च या अत्यधिक काम हो जाता हैI
  • इसमें हृदयघात अर्थात दिल के दौड़ा  (heart attack)भी पड़ सकता है जिससे व्यक्ति की आकस्मिक मौत हो सकता हैI
  • गंभीर सूजन एक हिस्से में रक्त परिसंचरण को काट सकती है और जब परिसंचरण कट जाता है तो वो हिस्सा सुन्ना(blank) पड़ जाता है और तेज दर्द होता हैI

कई बार सांप काटने पर  समझ में नहीं आता कि क्या किया जाए और क्या नहीं, जिससे एक छोटी गलती के कारण व्यक्ति की जान भी जा सकती है इसलिए यह बेहद जरूरी है की सर्पदंश होने पर निचे दिए गए परामर्शों का अनुपालन करेंI

  • किसी व्यक्ति को सांप काटने पर ज्यादा उसके सामने विचलित ना होकर ,बिना घबराहट के यथाशीघ्र  शांत दिमाग से रोगी को बिस्तर पर लेटा दें उसके बाद काटे हुए अंग के ठीक ऊपरी सतह को एक कपडे से बांध दे ताकि विष फैले नहीं और जल्द से जल्द अस्पताल ले जाएँI
  • पीड़ित व्यक्ति को हमेशा सीधा ही लेटाएं अगर शरीर ज्यादा हिलेगा तो विष फैलने की आशंका रहती हैI
  • अगर  अंधेरा हो तो सांप कई बार दिखाई नहीं देते परंतु अगर दिखाई दे तो उसे अच्छी तरह पहचाने की कोशिश करें क्योंकि यह इलाज -प्रक्रिया  में चिकित्सक के लिए सहायक हो जाता हैIसर्प के प्रजाति में अलग -अलग विष पाया जाता है जिसके कारण व्यक्ति में अलग -अलग लक्षण भी देखने  को मिलता हैIसांप के पहचान के आधार पर अलग- अलग उपचार और सूई ,दवाईयां दी जाती हैI 
  • मरीज के शरीर में से मोठे कपडे ,श्रृंगार,आभूषण  अदि को उतार देंI
  • सबसे महत्वपूर्ण यह होता है की मरीज बेहोश ना हो अगर बेहोशी की हालात में  चला जाए तो साँसों पर बारीकियों से ध्यान रखेंI 
  • रोगी के सामने ज्यादा घबराये नहीं जिससे ह्यपरटेंशन का खतरा भी बना रहता है और व्यक्ति को आकस्मिक दिल का दौड़ा पड़ सकता है और उनकी तत्काल मृत्यु हो सकती है इसलियरे रोगी के सामने संयम और सकरात्मक रूप में पेश आएंI
  • अधिकतर सांप हाथ और पैरों में काटता है, अगर दोनों ही स्थितियों में जैसे पैर  में काटे तो सीधा लेटाकर काटे हुए पैर को निचे लटकाकर रखें ,अगर हाथ में सांप काट दे तो हाथ को भी लटकाकर रखे जिससे  विष मस्तिष्क और दिल तक जल्दी नहीं पहुंच पता हैI
  • काटे जाने के बाद तुरंत उस अंग को हमेशा पानी से लगातार धोएंI
  •   किसी भी तरह का घरेलु उपचार खुद से ना करें झाड़ ,फूंक ये सब अंधविश्वास और झुठी मिथ्या है जिससे व्यक्ति की जान चली जाएगी जितना जल्दी हो सके अस्पताल ले जाने की कोशिश करेंI
  • जहाँ सांप ने काटा है वहां उस जख्म (डंक) को चूसे नहीं और ना ही दबाएं और ना ही उस जगह को ब्लेड से काटेंI
  • बिना डॉक्टर के जाँच -पड़ताल के किसी के सुझाव पर खुद दवा ना देंI
  • सर्पदंश में  की जाने वाली प्रमुख जांचे -(TEST)

 सांप के काटने पर चिकिसक द्वारा सांप प्रजाति के पहचान के  अनुसार उस घाव और शरीर के अन्य अंगों की जांच करते हैंI अलग -अलग सांप के अनुसार परीक्षण किया  जाता है जो साधारण होते हैंI उसके बाद व्यक्ति के उम्र और लक्षण के अनुसार अनेक प्रकार के उचित टीके दिए जाते हैंI अगर मामला औसत हो वीषहीन(poisionles) हो तो घाव को अच्छे से साफ़ कर टेटनस सूई देकर  इलास्टिक बैंडेज बांधकर डॉक्टर एक दिन में ही अस्पताल से कर देते हैंI 

अगर सांप बेहद जहरीला हो तो व्यक्ति का स्थिति बेहद गंभीर होने लगती है तब  डॉक्टर द्वारा anti-venom नामक दिया जाता है जो यथाशीघ्र शरीर में जाते हीं असर करता हैI

  • नोट -उपरोक्त लिखी गयी आलेख चिक्तिसक और सांप रेस्क्यू करने वाले विशेषज्ञों के साक्षात्कार के आधार पर दिया गया हैI जिसमें किसी भी तरह के घरेलू उपचार  और झाड़ -फूंक से बचें और सांप के तुरंत काटने के बाद रोगी को अस्पताल ले जाएँ सांप को पकड़कर कभी मारें नहीं बल्कि सांप के पहचान के बाद उसे घने जंगल, पानी में छोड़ देंI