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 सफ़ेद दाग vitiligo,leucoderma,white spot के Symptom-लक्षण-cause-treatment-उपचार

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  • सफ़ेद दाग  (vitiligo,leucoderma)जीवन शैली में आये बदलाव ,खान-पान के विविधता के अलावा प्राकृतिक संसाधनों में कमी अनेक प्रकार के रोगों की जन्म दे रहा हैI कुछ रोग वातावरण के प्रदूषित होने पर भी होता है उन्ही रोगों के श्रेणी में शामिल है – विटिलिगो(VITILIGO) त्वचा रोग का एक प्रकार है,इसे ल्युकोडेर्मा (leucoderma)भी कहा जाता है और इसे आम बोल-चाल के भाषा में सफ़ेद दाग भी कहा जाता हैI  दुनियाभर में करीब 2% लोग इस बिमारी से ग्रसित हैं भारत में करीब 5 करोड़ लोग इस बिमारी से ग्रसित हैं I इसको लेकर समाज में अनेक भ्रांतियां फैली हुई है सफ़ेद दाग के रोगियों को हीनता के नजरिये से देखा जाता हैI विशेष कर ग्रामीण क्षेत्रों में इस रोग को दैविक (divine) श्राप या सामजिक अभिशाप भी माना जाता हैI जिसके कारण विटिलिगो से पीड़ित रोगियों में आत्म-हीनता और भय उतपन्न हो जाता हैI उन्हें हमेशा सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता हैI जिसके कारण वह हमेशा दबाव में रहते हैं और जीवन के प्रति  उनकी नजरिया बदल जाता हैं, इसलिए इस त्वचा विकार (सफ़ेद दाग) के बारे में जानना ,समझाना बेहद आवशयक है ताकि लोग इसे लाइलाज बिमारी न समझें और ना हीं किसी प्रकर के मन में भ्रांतियां होंIइसलिए प्रत्येक वर्ष 25 जून को विश्व विटिलिगो दिवस मनाया जाता है ताकि इस रोग के प्रति लोग अधिक जागरूक होंI
  • सफेद दाग क्या है?(what is vitiligo?)  

 इस रोग {सफ़ेद दाग (vitiligo)}  में त्वचा का रंग  बदल जाता है शरीर के किसी भी अंग में शुरुआत में त्वचा के रंग में धीरे-धीरे बदलाव होता है और कुछ समय बाद यह लगभग शरीर के विभिन्न भागों में फैलने  लगता हैI समाज में इसको लेकर कई तरह का मिथक है कुछ लोग सोचते हैं की यह एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है जबकि सच्चाई यह है की यह किसी तरह की संक्रामक बिमारी नहीं हैI हमारे त्वचा के अंदर एक परत होता है जिसे एपिडर्मिस (Epidermis)कहा जाता हैI एपिडर्मिस परत के अंदर मेलेनोसाइटस  नामक कोशिकाएं होते हैं जो पिगमेंट्स(pigment) का निर्माण करते हैं जिसे मेलेनिन(melanin)कहा जाता हैI जो हमारे त्वचा को  रंग प्रदान करते हैंI हमारे त्वचा का रंग के बदलाव मेलेनिन (Melanin)पिग्मेंट का शरीर में उपस्थित उसके मात्रा(Quantity) पर निर्भर करता है, अगर शरीर में मेलानिन पिगमेंट का मात्रा अधिक रहता है तो त्वचा सांवला और गहरा  होता है और उसकी उपस्थिति कम होता है तो तो उतना ही निखार और सफ़ेद ,गोरा त्वचा का रंग होता हैI इसके अलावा मेलेनिन पिंगमेंट (Melanin-pigment) हमारे त्वचा को पराबैंगनी किरणों (Ultraviolet rays) से बचाता हैI पराबैंगनी किरणें हमारे त्वचा के लिए काफी घातक सिद्ध होता हैI किसी भी आंतरिक या चिकित्स्कीय(Medical)कारण  मेलेनिन पिगमेंट की मात्रा कम हो जाती है तो शरीर के त्वचा में सफ़ेद दाग बनने लगते हैं जिसे विटिलिगो या श्वेत कुष्ठ ,लुकोडेर्मा (Leucoderma)कहा जाता हैI इसमें रंग प्रदान करने वाले कोशिकाएं अपना कार्य करना बंद कर देती है अर्थात निष्क्रिय हो जाती हैI इसकी शुरुआत टांग,नाक ,होठ,आँख या चेहरे से होती है पहले छोटे -छोटे चकते  पड़ने लगती है उसके बाद पूरे शरीर में फैल जाता हैIइससे प्रभावित रोगियों में त्वचा के अलग -अलग जगहों पर विकार देखने को मिलता हैI 

  • सफ़ेद दाग (vitiligo) का मुख्य कारण क्या है?

हालांकि  अभी तक सफेद दाग होने के ठोस कारणों  पता नहीं चल पाया है परंतु चिकित्सक इसे कुछ स्थितियों को जिम्मेदार मानते हैंI

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता(Auto immune system) का कमजोर होनाI 
    • आनुवांशिकी भी होता है अगर घर में किसी भी परिवार के सदस्य इस रोग से पीड़ित हों तो उनके वंशज में  सफ़ेद दाग के लक्षण दिखाई दे सकते हैंI 
  • कभी कभी कुछ ऐसे रसायन(प्रेट्रोल ,अन्य गैसें अदि जैसे) जो हमारे शरीर के प्रतिकूल होते हैं तो उसके संपर्क में आने से भी यह रोग उतपन्न हो सकता हैI 
  • अगर किसी भी यकृत या पेट से सबंधित बीमारी से अगर लम्बे समय से पीड़ित हों तो उसके कारण भी सफ़ेद दाग हो सकता हैI
  • सफ़ेद दाग के प्रमुख लक्षण (symptomps of vitiligo) 

सफ़ेद दाग हमारे जन्म के बाद होने वाला एक त्वचा का विकार हैI  यह कभी जन्मजात नहीं हो सकता हैI यह ना तो जानलेवा है और ना ही किसी प्रकार के फैलने वाली बिमारी हैI यह पुरुष और महिलाओं दोनों में हो सकता है और किसी भी उम्र मेंI 

  • सफ़ेद दाग का धीरे-धीरे बढ़ना ,फैलनाI 
  • बालों का झड़ना और समय से पहले सफ़ेद होनाI 
  • धूप  पर आने में जलन होनाI 
  • त्वचा पर शुरुआत में  छोटा चकता या सफ़ेद दाग होनाI 
  • दाग पर स्थित बालों का भी सफ़ेद हो जानाI
  • अगर थायरॉइड ,डायबिटीज एलोपेसिया जैसे रोगों से पीड़ित हैं तो भी सफ़ेद रोग होने की आशंका होता हैI 
  • तनाव और चिंता के कारण भी हो सकता हैI 
  • यह वायरल इन्फेक्शन के कारण भी हो सकता हैI  
  • सफ़ेद दाग के रोगियों को आँखों के आंतरिक पार्ट के रंग बदलने लगता है अर्थात कुछ परिवर्तन देखने को मिलती हैI 
  • सफ़ेद दाग(vitiligo) कितने प्रकार के होते हैं?

सफ़ेद दाग को उनके लक्षणों के आधार पर मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया हैI

(1)Segmental vitiligo   (2) Non-segmental vitiligo or generalize vitiligo 

(1)Segmental vitiligo(खंडयुक्त)-इस तरह के विटिलिगो काफी कम लोगों में  दिखाई देते हैं यह हमारे चेहरे या किसी भी हिस्से को पूरी तरीके से प्रभावित नहीं करता है छोटे-छोटे भागों में फैलता हैIsegementl vitiligo स्थाई रहता है  उतना फैलता नहीं और इसके उपचार के काफी कम समय में ही असर देखने को मिलता हैIबच्चों में सबसे अधिक segmental vitiligo का ही असर देखा जाता हैI

 (2)  Non-segmental vitiligo or generalize vitiligo(गैर -खंडयुक्त सफ़ेद दाग)- इस तरह के विटिलिगो अधिकांशत:लोगों में होता हैIयह शरीर की किसी भी अंग में फ़ैल सकता हैIइसके दाग सभी जगह समान  दिखाई देते हैंI  

  • सफ़ेद रोग के इलाज की प्रक्रिया (Treatment)-

 सफ़ेद दाग को  पूर्ण रूप से इलाज के द्वारा ख़त्म किया जा सकता  हैIआमतौर पर विटिलिगो के लिए किसी प्रकार के मुख्य जांच की आवश्यकता नहीं होती  परंतु डॉक्टर जरुरत पड़ने पर अपने -अपने हिसाब से कुछ साधारण जाँच कराये जाते हैंI  ब्लड टेस्ट, त्वचा की बायोप्सी ,डर्मेटोस्कोप(dermetoscope) जैसे आधुनिक उपकरणों द्वारा भी जाँच की जाती है,ताकि  विटिलिगो की पुष्टि हो सकेIकभी -कभी पहले किसी रोग से ग्रसित व्यक्ति की दवाईयां और उपचार के बारे में विस्तृत संज्ञान चिक्तिसक द्वारा लिया जाता हैI जरूरत पड़ने पर आँखों की भी जाँच कराई जाती हैI

  इसके दो तरह से उपचार किये जाते हैं (1) सर्जिकल उपचार(Surgical treatment) (2)नॉनसर्जिकल उपचार(Non -Surgical treatment) 

नॉन सर्जिकल उपचार में लक्षणों के आधार पर दवाइयां ,क्रीम और अल्ट्रावॉयलेट लाइट का उपयोग किया जाता हैI      सर्जिकल ट्रीटमेंट बहुत सटीक और साधारण होता है इसमें डॉक्टर सर्जरी द्वारा मृत मेलनॉइट्स पिगमेंट्स कोशिकाओं को हटा दिया जाता है और त्वचा के सफ़ेद जगहों को स्थानांतरण (Transplant) कर दिया जाता हैI 

  • सफ़ेद दाग (Leucoderma)के घरेलु उपचार –

 सफेद दाग के इलाज को जितना डॉक्टर द्वारा देखभाल किया जाता है उतना ही अपने घरों में भी रोगी के  परिजनों द्वारा और रोगगी को खुद परहेज सावधानियां बरतनी होती है ताकि इसको कम समय में पूर्ण रूप से ख़त्म किया जा सकेI

    • त्वचा में जहां भी सफेद दाग है  खुजली होने पर नाखून से उसे ना कुरेदेI
    • सोने से दो-तीन घंटे पहले ही भोजन करनी चाहिएI
    •  धूप ,धुल एवं धुंए से हमेशा बचेI
    •  वैसे कपड़े जो काफी गर्म और कसक  होते हैं उसे ना पहनेI
  • बिना  डॉक्टरी परामर्श के किसी भी प्रकार के  साबुन ,इत्र , फेयरनेस क्रीम का इस्तेमाल ना करेंI 
  • अधिक मेहनत वाले व्यायाम और काम  ना करेंI
  • आग और अधिक गर्म स्थान पर सैर करने से बचेंI
  • अपने खान -पान में अधिक सावधानी बरतें खट्टा ,तीता और अधिक गर्म वाले भोजन ना करें विशेषकर मांसाहरी भोजन काफी कम मात्रा में लेंI
  • किसी भी प्रकर के आत्महीनता या मानसिक तनाव या निराश न होI
  • अपने डॉक्टर के निरंतर संपर्क में रहें और उनके परामर्श को ईमानदारीपूर्वक पालन करेंI
  • नोट – सफेद दाग पर आधारित आलेख पूर्ण रूप से  त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर से साक्षात्कार और चिकित्सीय अध्ययन के आधार पर लिखा गया है जिससे यह स्पष्ट होता है कि सफेद दाग किसी भी प्रकार के समाजिक अभिशाप नहीं है और ना ही या कोई गंभीर बीमारी है और ना ही किसी के संपर्क में आने से फैलता हैI इसमें ना तो रोगी को दर्द होता है और ना ही किसी प्रकार के बहुत अधिक परेशानी केवल त्वचा का रंग  सौंदर्यीकरण से बदसूरत हो जाता हैIइसके शुरुआती लक्षण को पहचान कर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें और अपना इलाज करवाएं,किसी भी प्रकार के घरेलु या स्वयं इलाज ना करेंI हमारा मकसद केवल आपको रोगों के बारे में जानकारी पहुंचाकर जागरूक करना है हम किसी भी प्रकार के चिकित्सीय उपचार का पुष्टि नहीं करते हैंI